By अभिनय आकाश | Feb 23, 2026
उत्तरी गोलार्ध में दिन होता है तब दक्षिणी गोलार्ध में रात होती है। उधर लोग स्कूल-दफ्तर जाते हैं तो इधर लोग सोने के लिए आंखें बंद करते हैं। दिन और रात के इस फर्क में कुछ घड़ी सब विश्राम करते हैं। 1980 का दशक अमेरिका में एलियन और यूएफओ वाली कॉनंस्परेसी थ्योरी की धूम मची हुई थी। कुछ कमर्शियल पायलट्स ने नवाडा इलाके में उनके ऊपर उड़ रही किसी चमकीनी तस्करी की फोटो खींच ली थी। दावा किया जा रहा था कि हो ना हो यह यूएफओस हैं। यानी कि एलियन के स्पेसक्राफ्ट। सभी का ध्यान नवाडा के रेगिस्तान के बीचों-बीच मौजूद अमेरिका के एक सीक्रेट बेस की ओर जा रहा था। हर किसी को पता था कि रेगिस्तान के अंदर एक ऐसी जगह है जहां आम लोगों का जाना मना है। हथियार बन गार्ड्स इसकी सुरक्षा करते हैं। लेकिन इस जगह का नाम बताना तो दूर अमेरिकी सरकार यह तक नहीं मानती थी कि ऐसी भी कोई जगह एकिस्ट करती है। मई 1989 में एक अमेरिकी न्यूज़ चैनल के एस टीवी ने यूएफओ द बेस्ट एविडेंस के नाम से शो शुरू कर दिया। जिसमें रॉबर्ट लेज़र नाम का एक बंदा यह दावा करता है कि वो इस सीक्रेट बेस पर काम कर चुका है। उसने यहां एलियंस की बॉडीज और एलियंस के नौ स्पेसक्राफ्ट देखे हैं। रॉबर्ट यह तक दावा करता है कि सीक्रेट बेस पर अमेरिका रिवर्स इंजीनियरिंग कर रहा है। यानी एलियन की टेक्नोलॉजी से नए हथियार और नए स्पेसक्राफ्ट बनाए जा रहे हैं और सबूत के तौर पर तरह-तरह की फोटो सबमिट करता है जो संदेह पैदा करने के लिए काफी होते हैं। खूब हंगामा होता है। अमेरिकी सरकार से सवाल पूछे जाते हैं। लेकिन अमेरिका सारे दावे खारिज कर देता है। अमेरिकी सरकार यह तक नहीं मानती कि नवाड़ा में ऐसी कोई जगह मौजूद भी है। लोगों का आज भी मानना है कि अमेरिका ने यहां एलियंस छिपा रखे हैं। अब एक बार फिर यह जगह चर्चा में है। कारण अमेरिकी राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा का बयान। एक पॉडकास्ट में ओबामा ने एलियंस की मौजूदगी का दावा कर दिया है। ओबामा ने कहा है एलियंस होते हैं लेकिन एरिया 51 में नहीं रखे गए हैं। ओबामा के बयान के बाद एक बार फिर एरिया 51 विवादों में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब अमेरिकी रक्षा विभाग को यह आदेश दिया है कि एरिया 51, एलियन और यूएफओ से जुड़े जितने भी सीक्रेट फाइल्स अमेरिका में मौजूद हैं, उसकी पहचान की जाए। उन्हें पब्लिक किया जाए। ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिरकार एरिया 51 है क्या? अमेरिका यहां क्या करता है? क्यों इस इलाके को इतना सीक्रेट बनाकर रखा गया है? क्या सचमुच अमेरिका ने यहां एलियंस और यूएफओ छिपा कर रखे हुए हैं? और अब ओबामा के दावे के बाद डोनाल्ड ट्रंप कौन से सीक्रेट फाइल्स पब्लिक करने वाले हैं?
अमेरिका का 7वां सबसे बड़ा स्टेट नवाडा जिसकी पहचान लांस वेगास जैसे शहर है। शानो शौकत की जिंदगी, जहां जुआ भी लीगल है। इस चमक धमक से परे नवाजा स्टेट कुख्यात एरिया 51 के लिए है। जहां अमेरिका एटम बम का टेस्ट करता है। एरिया 51 लास वेगास से महज 134 किलोमीटर दूर है। एरिया 51 कंटीले पेड़ो का बियाबान है। दूर दूर तक फैला रेगिस्तान और अमेरिका का मिलिट्री बेस। नेवाडा का पता स्पेन ने लगाया था। सबसे पहले न्यू स्पेन नाम से कॉलोनी बनाई गई। 1821 में आजादी के बाद नेवाडा मेक्सिको का हिस्सा बना। अमेरिका और मेक्सिको के युद्ध के बाद से यहां पर यूएस का कब्जा है। अमेरिका यहां सुपर पावर डेडली वेपन तैयार करता है। एरिया 51 से मिले सुपरफाइटर का डंका दुनिया में बजता है।
कॉन्सपिरेसी थ्योरी ये भी है कि इस फैसलिटी में क्रैश हुआ एलियन स्पेस क्राफ्ट है। इंजीनियर रिवर्स इंजीनियरिंग के जरिए इसे बनाने में लगे हैं। इस 1950 की रोसवेल दुर्घटना से जोड़ा जाता है। पत्रकार एनी जैकबसन ने अपनी किताब एरिया 51 एन अनसेंसर्ड हिस्ट्री ऑफ अमेरिकाज टॉप सीक्रेट मिलिट्री बेस में इससे जुड़े चीजों के बारे में बताया। जैकबसेन ने अपनी किताब में लिखा कि इस इलाके की गोपनीयता एलियन की वजह से नहीं बल्कि गुप्त परमाणु परीक्षण और हथियारों के विकास में इसकी भागीदारी से थी। किताब में उन्होंने लिखा कि सूत्र ने दावा किया कि न्यू मैक्सिको में एक फ्लाइंड डिस्क क्रैश हुआ था। इस फ्लाइंग डिस्क को राइट पैटरसन वायु सेना बेस ले जाया गया। बाद में उस मलबे को 1951 में यहां लाया गया, जिसकी वजह से इस जगह का नाम एरिया 51 पड़ा।
यूएफओ को अक्सर लोग एलियंस के साथ जोड़ते हैं। लेकिन कोई भी ऐसी उड़ने वाली चीज जिसके ठीक ठीक पहचान न हो सके, उसके लिए भी ये टर्म इस्तेमाल होता है। जब और भी यूएफओ देखे जाने लगे और उसके दावे आएं तो एयरफोर्स ने उसकी जांच शुरू की और उसे प्रोजेक्ट ब्लू बुक का नाम दिया। बाद के सालों में भी यूएफओ देखे जाने की बात सामने आती रहीं। 1969 में अमेरिकी एयरफोर्स ने प्रोजेक्ट ब्लू बुक बंद कर दिया। इस समय तक वो यूएफओ देखे जाने के 12 हजार से ज्यादा दावों की जांच कर चुका था। प्रोजेक्ट ब्लू बुक तो खत्म हुआ लेकिन दक्षिणी नेवाडा में एरिया 51 के आसपास यूएफओ देखे जाने के दावे किए जाते रहे। क्योंकि इस प्रतिबंधित इलाके के आस पास आम लोग नहीं जा सकते। ये 24 घंटे और 365 दिन भारी सुरक्षा में रहती थी। तो इस जगह के बारे में कहानियां चल पड़ी। कहा तो ये भी जाता है यहां रिवर्स इंजिनियरिंग करके एलियंस की टेक्नोलॉजी समझने की कोशिश की जाती है। 80 के दशक में राबर्ट बॉब नाम के एक आदमी ने सामने आते हुए कहा कि वो एरिया 51 में काम करता था। राबर्ट का दावा था कि उनका काम परगृहियों से जुड़ी रिसर्च से जुड़ा था। उसने मीडिया को कुछ तस्वीरें भी दिखाई। उसके मुताबिक ये एरिया 51 में रखे गए एलियन के ऑटोप्सी की फोटो है। बाद में एरिया 51 में उसके काम करने का दावा झूठा निकला। इसके अलावा टाइम ट्रैवल को लेकर भी कई कहानियां हैं। कहा जाता है कि अमेरिका यहां पर समय में आगे और पीछे जाने की रिसर्च कर रहा है। कुछ कहते हैं कि नील आर्म स्ट्रांग चांद पर कभी उतरे ही नहीं। यहीं एरिया 51 में फोटो खींच कर कहा कि उसका अपोलो 11 मिशन चांद पर उतर गया।
कब हुआ सबसे पहले जिक्र
अगस्त 2013 में सूचना के अधिकार के तहत एक जानकारी मांगी गई। इसके जवाब में सीआईए को कुछ डॉक्यूमेंट डिक्वासीफाइड करने पड़े। इसी क्रम में फिर उस जगह के बारे में भी बताया गया। जो ला क्यू एयक्राफ्ट के निर्माण और टेस्टिंग से जुड़ी हुई थी। ये एरिया 51 जगह थी। जिसका पहली दफा तब ही सार्वजनिक जिक्र हुआ। अमेरिकी खुफिया विभाग सीआईए के अनुसार एरिया 51 में 1955 से सीक्रेट एयरक्रॉफ्ट की टेस्टिंग होती थी। जब से अमेरिकी सेना ने सीआईए के यू 2 जासूसी प्लेन की टेस्टिंग शुरू की थी तब से ही। दरअसल, कोल्ड वॉर के वक्त सोवियत और अमेरिका दोनों एक दूसरे की खूब जासूसी करते थे। ताकी दोनों को एक दूसरे के अगले कदम की जानकारी हो जाए। अमेरिकी एयरफोर्स और नेवी के दोनों टोही विमानों में बड़ा नुकसान हो रहा था। अमेरिका ने फिर यू टू विमान को लेकर आए।
ओबामा ने अपने पॉडकास्ट में क्या दावा किया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा 14 फरवरी 2026 को रिलीज हुए "नो लाइ विद ब्रायन टायलर कोहेन" पॉडकास्ट में पहुंचे थे। इस दौरान जब एक रैपिड-फायर सेगमेंट में उनसे पूछा गया कि क्या एलियंस असली हैं तो उन्होंने कहा था कि "वे असली हैं लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा है और उन्हें एरिया 51 में नहीं रखा गया है।
ट्रंप ने क्या आदेश दिए
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलियंस से संबंधित गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने 19 फरवरी को कहा है कि वह पेंटागन और दूसरी एजेंसियों को UFO, UAP और एलियन जीवन पर सरकारी फाइलों को डीक्लासिफाई करने और जारी करने का निर्देश दे रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि "दिखाई गई ज़बरदस्त दिलचस्पी के आधार पर मैं सेक्रेटरी ऑफ वॉर और दूसरे संबंधित डिपार्टमेंट और एजेंसियों को एलियन और एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल जीवन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने का निर्देश दूंगा। उन्होंने इस पोस्ट में लिखा कि अनआइडेंटिफाइड एरियल फेनोमेना (यूएपी) और अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट (यूएफओ) और इन बहुत मुश्किल लेकिन बहुत दिलचस्प और ज़रूरी मामलों से जुड़ी कोई भी और सभी दूसरी जानकारी से जुड़ी सरकारी फाइलों की पहचान करने और उन्हें रिलीज करने का प्रोसेस शुरू करने का निर्देश दूंगा। गॉड ब्लेस अमेरिका!