By अभिनय आकाश | Oct 18, 2024
भारत और ताइवान की बढ़ती नजदीकियां अब ड्रैगन को चुभने लगी है। बीते जिनों मुंबई में ताइवान ने अपना नया कॉन्सुलेट ऑफिस खोला है। नई दिल्ली और चेन्नई में मौजूद ऑफिस को मिलाकर पूरे देश में ताइवान के तीन कॉन्सुलेट हैं। चीन ने को भारत से ताइवान के मुद्दों को सावधानी से संभालने और मुंबई में एक और ताइवान वास्तविक वाणिज्य दूतावास के उद्घाटन के बाद चीन-भारत संबंधों के सुधार में हस्तक्षेप से बचने का आग्रह किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन ताइवान के साथ आधिकारिक संपर्क में शामिल होने के लिए अपने संबंध रखने वाले किसी भी देश के कदम का विरोध करता है। दुनिया में केवल एक-चीनहै और ताइवान चीन के क्षेत्र का एक अविभाज्य हिस्सा है।
चीन ने मुंबई में ताइवान के ताइपे आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र (टीईसीसी) के हाल में स्थापित कार्यालय को लेकर भारत के समक्ष राजनयिक स्तर पर विरोध दर्ज कराया है। ताइवान को लेकर भारत का रुख साफ है। ताइवान भारत का एक प्रमुख साझेदार देश है। आर्थिक मोर्चे पर भारत और ताइवान कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। चाहे सेमीकंडक्टर का भारत में निर्माण हो या फिर अन्य छोटी-बड़ी तकनीक का अदान-प्रदान, ताइवान ने हर मौके पर भारत का साथ दिया है।