By नीरज कुमार दुबे | Jun 19, 2025
जैसे-जैसे इज़राइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, एक अजीब लेकिन लंबे समय से चल रहा सिद्धांत एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यह सिद्धांत है- पेंटागन के पास स्थित पिज़्ज़ा रेस्टोरेंट्स में हलचल बढ़ना जोकि किसी बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम का संकेत देता है। हम आपको बता दें कि यह सिद्धांत वर्षों से मौजूद है, लेकिन अब यह सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रहा है। इसमें कहा गया है कि पेंटागन के पास पिज़्ज़ा दुकानों की गतिविधि (जैसे ऑर्डर की संख्या या भीड़) बढ़ने लगती है, ठीक उसी समय जब अमेरिका कोई बड़ा सैन्य कदम उठाने वाला होता है।
वहीं, जब अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) से इस सिद्धांत और 12 जून की गतिविधि पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने बताया कि उनके पास "कहने के लिए कुछ नहीं है"। वहीं एक बयान में पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि यह पिज़्ज़ा एक्टिविटी रिपोर्ट "घटनाओं से मेल नहीं खाती।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि पेंटागन के अंदर भी कई पिज़्ज़ा विकल्प उपलब्ध हैं, जैसे कि "पिज़्ज़ा, सुशी, सैंडविच, डोनट्स, कॉफी आदि।" हम आपको बता दें कि पेंटागन, जो कि अमेरिकी रक्षा विभाग का मुख्यालय है, अर्लिंग्टन, वर्जीनिया में स्थित है और वाशिंगटन, डी.सी. के पास है। इसका निर्माण 1943 में पूरा हुआ था और इसे अमेरिकी सैन्य प्रणाली का "कंट्रोल सेंटर" माना जाता है।
हालाँकि आधिकारिक रूप से इस सिद्धांत को खारिज कर दिया गया है, लेकिन ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) में रुचि रखने वाले ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं को यह थ्योरी अभी भी आकर्षित कर रही है। कुछ इसे संयोग मानते हैं, तो कुछ का मानना है कि इस तरह की गतिविधियाँ किसी बड़े कदम से पहले के संकेत हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि पेंटागन के आसपास पिज्जा की मांग अब भी बढ़ी हुई है। यह बात तब सामने आ रही है जब अमेरिका भी ईरान को सबक सिखाने के लिए बड़े हमले की तैयारी कर चुका है। हम आपको बता दें कि आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वार रूम में एक बैठक होनी है जिसमें कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।