खामनेई के जनाजे के बाद क्या हुआ? मशहद में ईरानियों ने गजब कर दिया!

By अभिनय आकाश | Jul 11, 2026

ईरान का पवित्र माना जाने वाला शहर मशहद जिसे मशहद मुकद्दस कहा जाता है। इसी शहर में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामने सुपुरदे खाक किए गए। 9 जुलाई को दिन भर मशहद शहर में यह नजारा था। शदीद गर्मी के बावजूद पैर रखने की जगह नहीं थी। सड़कों पर बस लोग ही लोग। लेकिन रात को मशहद में ऐसा कुछ हुआ जो आपको चौंका देगा। यह शहर मशहद में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात है। जो लोग खामनेई की तस्वीरें और लाल परचम लेकर उन्हें श्रद्धांजलि देने ईरान भर से आए थे। वही युवा, बुजुर्ग और महिलाएं भी रात में उन्हीं सड़कों पर कूड़ा चुन रहे थे। लोगों ने उसी रात मशहद की सड़कों पर काम शुरू कर दिया। क्योंकि दिन में गर्मी बहुत थी और लाखों में जनता थी। ऐसे में लोगों ने प्लास्टिक बोतलों से खूब पानी पिया। लेकिन रात में वही लोग बोतलों का कचरा, खाने-पीने के रैपर और दीगर कूड़ा साफ कर रहे थे। बिना यह इंतजार किए कि मशहद म्यनिसिपल कॉरपोरेशन का अमला आएगा और साफ सफाई को अंजाम देगा। 

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चाहे 40 दिनों तक रमजान के महीने में भी दिन और रात सड़कों पर लोगों की भीड़ रही हो या फिर इमाम खामने के जनाजे में दिखी आवाम की ताकत या फिर मौका पड़ने पर खुद ही सफाई का मोर्चा संभाल लेना ईरानी जनता ने दुनिया को यह बता दिया है कि वो जरा हटकर है और अपने देश के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। खासतौर से जो मशहद शहर है ईरान का वो बहुत पवित्र माना जाता है। इमाम आयतुल्लाह अली खामनई के दौर में ही मशहद को उसका यह रूप दिया गया। उसमें बहुत सारे ऐसे काम हुए जो जायरीन के लिए दुनिया भर से आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए बहुत सहूलियत की बात है। इमाम आयतुल्लाह अली खामनी खुद मशद जाते थे और वहां पर इमाम रजा के रोजे के दीदार करते थे। वो खुद वहां मौजूद रहते थे।

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