तीन साल में पहली बार चीन के साथ क्या हुआ ऐसा, कैसे धीमी पड़ गई ड्रैगन की चाल

By अभिनय आकाश | Jan 19, 2026

पड़ोसी देश चीन के लिए ये खबर चिंता बढ़ाने वाली है। पिछले तीन वर्षों में जो स्थिति नहीं बनी थी, वो अब सामने आ गई है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि फिसलकर 4.5% पर आ गई जो लगभग तीन साल की सबसे धीमी रफ्तार मानी जा रही है। इस गिरावट की मुख्य वजह घरेलू मांग में कमजोरी और रियल एस्टेट सेक्टर की लगातार चली आ रही सुस्ती रही। हालांकि राहत की बात ये है कि पूरे साल की आर्थिक वृद्धि दर बीजिंग सरकार के तय लक्ष्य के आसपास ही बनी हुई है। लेकिन तिमाही आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि अर्थव्यवस्था पर दबाव अब भी कायम है। 

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दिसंबर में चीन की खपत निचले स्तर पर पहुंची

दिसंबर में शहरी बेरोजगारी दर 5.1% पर अपरिवर्तित रही। आंकड़ों के जारी होने के बाद मुख्य भूमि चीन का सीएसआई 300 सूचकांक 0.6% बढ़ा, लेकिन बाद में इसमें कुछ गिरावट आई, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 0.8% गिर गया। लएसईजी के आंकड़ों के अनुसार, अपतटीय युआन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थोड़ा बढ़कर 6.9604 पर पहुंच गया, जो मई 2023 के बाद का इसका सबसे मजबूत स्तर है। आंकड़ों से जुड़े विभाग ने अपनी आधिकारिक  विज्ञप्ति में कहा कि हमें और अधिक सक्रिय व प्रभावी मैक्रो नीतियां अपनानी होंगी और घरेलू मांग का विस्तार जारी रखना होगा।

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सप्लाई और डिमांड में असंतुलन

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने 2025 में मजबूती दिखाई। इसकी बड़ी वजह यह रही कि टैरिफ दरें उम्मीद से कम रहीं और निर्यातकों ने अमेरिका पर निर्भरता घटाकर दूसरे देशों की ओर रुख किया। इससे नीति-निर्माताओं को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन पैकेज लाने में देरी करने का मौका मिला। चीन ने पिछले साल करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर का रिकॉर्ड व्यापार अधिशेष दर्ज किया। यह बढ़त मुख्य रूप से अमेरिका के अलावा अन्य बाजारों में तेज़ी से बढ़ते निर्यात के कारण हुई, क्योंकि ऊंचे अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए कंपनियों ने अपनी शिपमेंट्स दूसरे देशों की ओर मोड़ दीं। ओसीबीसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर टॉमी शिए के अनुसार, पहले से भेजे गए माल (फ्रंट-लोडेड शिपमेंट), ट्रांज़िट पर सख्त नियंत्रण और मुद्रा के मजबूत होने का जो असर पड़ने की आशंका थी, वह सीमित ही रहा। उनका अनुमान है कि 2026 में चीन का निर्यात करीब 3% बढ़ सकता है। 

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