Chaitra Navratri 2026 Puja Guide: कलश स्थापना समेत इन 5 खास नियमों का रखें ध्यान, बरसेगी मां दुर्गा की कृपा

By दिव्यांशी भदौरिया | Mar 13, 2026

हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का खास धार्मिक महत्व माना जाता है। इस साल 2026 में यह पर्व 19 मार्च से 26 मार्च तक मनाया जाएगा। इन नौ पवित्र दिनों में मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्तों को कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए। जैसे व्रत का संकल्प पूरी श्रद्धा के साथ निभाना, विधि-विधान से कलश स्थापना करना, केवल सात्विक भोजन ग्रहण करना, ब्रह्मचर्य का पालन करना और पूजा के समय शुभ रंगों के वस्त्र धारण करना। वैसे तो साल में चार बार नवरात्रि आती है लेकिन उनमें से दो खास मानी जाती है। पहली चैत्र महीने में पड़ती है और दूसरी आश्विन महीने में पड़ने वाली शारदीय नवरात्रि। ज्योतिषि के अनुसार नवरात्रि के नौ दिनों तक कुछ नियमों का पालन करने से साधक को माता दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

चैत्र नवरात्रि का व्रत शुरु करने से पहले सभी भक्तजनों को अपनी तैयारी एक दिन पहले जरुर कर लें। पूजा में इस्तेमाल किए जाने वाली सभी सामग्री जैसे कि कलश, नारियल, आम के पत्ते, लाल कपड़ा, रोली, अक्षत, फूल, दीपक और प्रसाद पहले से इकट्ठा करके रख लें। नवरात्र के पहले दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करके पूजा आरंभ करें। इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान करते हुए पूरे नौ दिनों तक व्रत और पूजा करने का संकल्प लें।

व्रत का संकल्प लेने के बाद बीच में न छोड़ें

नवरात्रि के नियमों में सबसे अहम बात यह मानी जाती है कि व्रत का संकल्प लेने के बाद उसे बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। यदि किसी कारणवश नवरात्रि के दौरान पीरियड्स भी आ जाएं, तब भी व्रत को जारी रखा जा सकता है। एक बार जब आप व्रत रखने का संकल्प ले लेते हैं, तो पूरे नौ दिनों तक श्रद्धा, आस्था और नियमों के साथ इसे निभाना चाहिए और माता दुर्गा की भक्ति में लगे रहना चाहिए। 

चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना करें

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। यह माता के आह्वान करने का प्रतीक माना जाता है। अगर आप आप नवरात्र के सभी नियमों का पालन करना चाहते हैं, तो यह बेहद जरुरी है कि कलश की स्थापना करना। आप अपने घर में नवरात्रि की प्रतिपदा के दिन विधि-विधान से कलश स्थापना करें और माता दुर्गा का पूजन करें। कलश स्थापना के बाद सुबह और शाम माता की पूजा व आरती करें। यदि आप कलश के साथ अखंड ज्योति जलाएंगी, तो इस बात का ध्यान रखें कि नौ दिनों तक प्रज्वलित रखना है। आपको घर की इस दौरान अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।

सात्विक भोजन करें

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति व्रत नहीं भी रखता है, तब भी नवरात्रि के दिनों में सात्विक भोजन का ही सेवन करना उचित माना जाता है। इन पवित्र दिनों में तामसिक आहार के साथ-साथ मांस और मदिरा का सेवन करने से बचना चाहिए और खान-पान को पूरी तरह शुद्ध व पवित्र रखना चाहिए। 

नवरात्रि के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन

नवरात्रि के दौरान भक्तों को ब्रह्मचर्य का पालन जरुर करना चाहिए। इस समय साधक को मन, वचन, शरीर और कर्म से पवित्र रहना जरुरी है। इन नौ दिनों तक व्यक्ति को क्रोध, नकारात्मक विचार और झूठ बोलने से भी बचना चाहिए और किसी बेकसूर को परेशान नहीं करना चाहिए।

नवरात्रि में पूजन के दौरान सही रंग के कपड़े पहनें

नवरात्र के दौरान कपड़ों के रंग का भी विशेष ध्यान दिया जाता है। माना जाता है कि इन नौ दिनों में पूजन के दौरान आपको काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। माता दुर्गा की साधना के लिए लाल और पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। जब आप पूजा करें तो इन रंगों के कपड़े जरुर पहनें। ऐसा करने मां दुर्गा का आशीर्वाद बना रहता है। 

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