एलएसी को लेकर क्या है ड्रैगन की रणनीति ? पाक सेना के अधिकारियों को भी किया तैनात
By अनुराग गुप्ता | Oct 07, 2021
लद्दाख। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर भारत और चीन के बीच तनातनी का माहौल है। 12 दौर की सैन्य वार्ता होने के बावजूद चीन की गतिविधियां जारी हैं। अगले सप्ताह गतिरोध को समाप्त करने के लिए 13वें दौर की वार्ता हो सकती है। वहीं चीन एलएसी पर निगरानी तंत्र को भी लगातार मजबूत करने में जुटा हुआ है और उसने पाकिस्तान को भी अपनी रणनीति का हिस्सा बनाया है।
आपको बता दें कि चीन ने अपनी नापाक साजिश को अंजाम देने के लिए पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को भारत से लगती सीमा के थिएटर कमांड के मुख्यालय में तैनात किया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच हुए करार के बाद चीनी सेना ने यह निर्णय लिया था। ऐसे में कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या चाहता है चीन ?
एक तरफ भारत के साथ शांति वार्ता की बात कहने वाली चीन कभी एलएसी के पास 8 अस्थायी टेंट का निर्माण करती है तो कभी सैनिकों की तैनाती के साथ-साथ ड्रोन की निगरानी बढ़ा देती है। हाल ही में खबर सामने आई थी कि चीन की पीएलए ने उत्तर में काराकोरम दर्रे के पास वहाब ज़िल्गा से लेकर पियू, हॉट स्प्रिंग्स, चांग ला, ताशीगोंग, मांज़ा और चुरुप तक अपने सैनिकों के लिए अस्थायी टेंट लगाए हैं।
क्या युद्ध की तैयारी कर रहा है चीन ?
पिछले साल गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद से पूर्वी लद्दाख में गतिरोध बना हुआ है। कई दौर की वार्ता हो चुकी है फिर भी विवाद पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है और न ही पहले की स्थिति बहाल हुई है। इसके अतिरिक्त समय-समय पर चीन उकसावे वाली नीतियां भी अपनाता रहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन लगातार यह दिखाने की कोशिश करता रहता है कि वो एलएसी मुद्दे को छोड़ने वाला नहीं है। वहीं चीन बार-बार यह कहता रहता है कि एलएसी मुद्दे के समाधान के लिए अगर उसे जंग भी करनी पड़ी तो वो पीछे हटने वाला नहीं है। वहीं भारत भी हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
हाल ही में लद्दाख दौरे पर गए सेना प्रमुख एम एम नरवणे ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा था कि हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हालांकि उन्होंने जल्द ही बातचीत के जरिए मुद्दे को सुलझाने की बात कही थी।