क्या है ISA, क्यों बाहर हुआ अमेरिका, इससे भारत पर क्या पड़ेगा असर?

By अभिनय आकाश | Jan 09, 2026

इमेजिन कीजिए कि आप एक घर में रहते हैं और आपका घर टूट रहा है। लेकिन आपको लगता है कि आपका घर टूट नहीं रहा बल्कि यह आपके खिलाफ साजिश है ताकि आपको ज्यादा पैसा कमाने से रोका जा सके। यही हाल अमेरिका के राष्ट्रपति का भी है। अमेरिका के राष्ट्रपति को लगता है जलवायु परिवर्तन तो हो ही नहीं रहा है। जलवायु परिवर्तन केवल एक दिखावा है जिसकी वजह से अमेरिकी लोगों की जॉब छीनी जा रही है। कि जिसकी वजह से अमेरिकी लोगों का रोजगार जा रहा है। तो ये एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम जो है अमेरिका के राष्ट्रपति की को की तरफ से देखने को मिलेगी और इसी वजह से इसी की तरफ आगे बढ़ते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 66 इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशंस और ट्रीटीज ऐसी हैं जिनसे अपने आप को बाहर कर लिया है। जिसमें यूएनएफ ट्रिपल सी शामिल है जिसमें आपका इंटरनेशनल सोलर अलायंस शामिल है।

क्या है ISA और कैसे करता है काम?

सोलर एनर्जी को लेकर एकीकृत प्लैटफॉर्म इंटरनैशनल सोलर अलायस सोलर एनजीं के लिए एकीकृत वैश्विक प्लैटफॉर्म के रूप में काम करता है। इसकी वेबसाइट के अनुसार, यह अपने एनालिटिक्स और एडवोकेसी के जरिए सौर ऊर्जा से जुड़ी अनुकूल नीतियों को बढ़ावा देता है।

ट्रंप के फैसले से क्या फर्क पड़ेगा?

2022 से 2025 के बीच अमेरिका से ISA को आर्थिक योगदान निला। अमेरिका के बाहर होने से जलवायु परिवर्तन और बीन एनर्जी के वैश्विक प्रयासों को यह एक राजनीतिक और कूटनीतिक झटका जरूर माना जाएगा।

डिप्लोमेसी का अहम अंग कैसे?

इंटरनैशनल सोलर अलायस भारत की तस कूटनीतिक रणनैति का अहम हिस्सा है. जिसके जरिए वह ग्लोबल साउथ के मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से उज्जल रहा है।

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