By नीरज कुमार दुबे | Jul 29, 2023
प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में इस सप्ताह हमने ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) से जानना चाहा कि श्रीलंका के राष्ट्रपति की भारत यात्रा किन मायनों में अहम रही? क्या भारत के कहने पर ही उन्होंने अल्पसंख्यक तमिलों के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि श्रीलंका में बढ़ते चीनी हस्तक्षेप को देखते हुए भारत सतर्क निगाह बनाये हुए है। साथ ही श्रीलंका को भी संकट के समय यह महसूस हुआ है कि भारत ने ही निस्वार्थ भाव से उनकी हर मायने में मदद की। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में हालात में थोड़ा सुधार आने के बाद राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भारत की यात्रा की और इस दौरान आगे भी हर तरह से श्रीलंका को भरपूर मदद दिये जाने का आश्वासन दिया गया है। भारत सरकार ने श्रीलंका से तमिलों के मुद्दे का समाधान करने को कहा है जिसके चलते राष्ट्रपति ने बैठक कर संकेत दिया है कि उनकी सरकार इस दिशा में अब गंभीर और सार्थक प्रयास करेगी।
ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नयी दिल्ली में विक्रमसिंघे से बातचीत में उम्मीद जताई थी कि श्रीलंका के नेता 13ए को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे और प्रांतीय परिषद के चुनाव आयोजित करेंगे। उन्होंने तमिलों के लिए एक सम्मानजनक एवं प्रतिष्ठित जीवन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था। उन्होंने बताया कि चुनाव सुधारों के कदम के बाद 2018 से नौ प्रांतों के चुनाव रुके हुए हैं। कुछ सिंहली बहुल पार्टियों ने भी परिषदों को पूर्ण शक्ति प्रदान करने के लिए 13ए को पूर्ण रूप से लागू करने से पहले चुनाव कराने पर जोर दिया था।