सिविल सेवा और एमबीए में क्या है अंतर, किसमें बनाना चाहते हैं कॅरियर

By सूर्य मिश्रा | Nov 15, 2022

कभी सिविल सर्विस में जाना युवाओं का सपना होता था हर कोई इसे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देखता था, लेकिन समय के साथ अब इसमें बदलाव आया है अब लोग सिविल सर्विसेज की जगह प्राइवेट सेक्टर्स में जाना ज्यादा बेनिफिशियल समझते हैं, ऐसा नहीं है कि सिविल सर्विसेज का क्रेज लोगों में खत्म हो गया है लेकिन बढ़ते कॉम्पिटिशन और रिज़ल्ट की लेटलतीफ़ी के कारण अब प्राइवेट सेक्टर्स में जाने को ज्यादा बेनिफिशियल समझा जाने लगा है खासकर मैनेजमेंट कोर्सेज लोगों को ज्यादा सेफ लगने लगे है आज हमारे देश में 20 आईआईएम कॉलेज है। CAT, XAT एवं CMAT की परीक्षाओं में भी उतनी ही संख्या में युवाओं की भीड़ होती है जितनी सिविल सेवाओं की परीक्षाओं में।

सर्वाधिक मैनेजमेंट कॉलेज अमेरिका में है लेकिन क्या आपको पता है कि भारत का स्थान दूसरा है मतलब हमारे देश में में अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा मैनेजमेंट कॉलेज है। 

वैसे तो सिविल सर्विसेज की अपनी ही एक प्रतिष्ठा है अपना एक अलग ही आकर्षण है लेकिन दोनों ही सेक्टर्स को अपनाने वालों की संख्या कम नहीं है सिविल सर्विसेज और मैनेजमेंट जॉब में आखिर क्या ऐसी खास बातें हैं जिससे यह लोगो को अपनी और आकर्षित करती हैं आइए जानते हैं दोनों में क्या अंतर है-

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सिविल सर्विस से देश के नीति निर्माण में सहयोग कर सकते है

सिविल सर्विसेज में केवल बढ़िया वेतन, जॉब सिक्योरिटी ही नहीं होती बल्कि देश के प्रशासन में शीर्ष पर पहुँचने का भी अवसर मिलता है और सामाजिक प्रतिष्ठा भी मिलती है। सिविल सर्विसेज में आप अपने समाज अपने देश के लिए कुछ अच्छा कर सकते है। आये दिन आपको ऐसे सिविल ऑफिसर्स के बारें में सुनने को मिलता है जिन्होंने देश की भलाई के लिए बहुत से सुधार किये जैसे कि एक सिविल ऑफिसर के प्रयास से ही बंधुआ श्रम व्यवस्था (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 जैसा कानून बना। हमारे देश से नक्सलवाद की समस्या को सुलझाने का प्रयास भी एक सिविल ऑफिसर के द्वारा ही किया गया इसी वजह से यह सेवा अभ्यर्थियों को काफी आकर्षित करती है।

मैनेजमेंट कोर्सेज बनाते है मल्टीस्किल्स का मालिक

हमारे देश में बहुत सारे इकोनॉमिक अप्स एंड डाउंस होने के बाद भी एम.बी.ए. एक पॉपुलर कोर्स है मैनेजमेंट कोर्सेज आपकी प्रेजेंटशन स्किल्स को बढ़ाते है। ह्यूमन रिसोर्सेज़ का सही से उपयोग करना सिखाते है। जॉब्स में एम.बी.ए. डिग्री-होल्डर को कई बार प्रेफरेंस दी जाती है।

सिविल सेवा से हर क्षेत्र में कार्य करने का मिलता है अनुभव

शायद ही ऐसी कोई फील्ड होगी जिसमे इतने ढेर सारे क्षेत्रों में कार्य करने का अवसर मिलता है सिविल ऑफिसर के रूप में आप एक साथ  स्वास्थ्य, कृषि शिक्षा, प्रबंधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विकास में योगदान कर सकते हैं जो किसी और सेक्टर की जॉब में सम्भव नहीं है। 

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मैनेजमेंट कोर्सेज से दुनिया के किसी हिस्से में बना सकते है कॅरियर

एम.बी.ए. करने के बाद आपको एक ग्लोबल एक्सपोजर मिलता है आप किसी भी देश में आसानी से जॉब पा सकते है अगर अपने किसी अच्छे मैनेजमेंट कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन किया है तो आपको मल्टीनेशनल संस्थानों में मैनेजेरियल पोस्ट बहुत आसानी से मिल सकती है। 

जहां एम.बी.ए. करने के बाद आपको हाई सैलरी, कॅरियर प्रोग्रेस, कॉर्पोरेट नेटवर्किंग के अवसर, क्राइसिस मैनेजमेंट करने के अवसर मिलते है तो वही सिविल सर्विसेज के माध्यम से आपको देश के नीति-निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने का मौका मिलता है, उच्च सामाजिक प्रतिष्ठा मिलती है, प्रशासन में शीर्ष पर पहुँचने के अवसर, देश को आगे बढ़ाने के अवसर मिलते है यही वजह है कि दूसरे क्षेत्रों में सफल लोग भी इस सेवा के प्रति आकर्षित होते हैं। कुल मिलाकर दोनों ही क्षेत्रों में टैलेंट और कड़ी मेहनत के दम पर ही आप अच्छा काम कर सकते है।

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