क्या है जीएम सरसों विवाद, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिया स्प्लिट जजमेंट

By अभिनय आकाश | Jul 23, 2024

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) सरसों की पर्यावरण संरक्षण के लिए विमोचन पर एक खंडित निर्णय दिया। दो-न्यायाधीशों की पीठ ने आनुवंशिक रूप से संशोधित जीव (जीएमओ) को लेकर केंद्र सरकार को कड़े और पारदर्शी जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल पर एक राष्ट्रीय नीति लाने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना के फैसले ने जीएम सरसों, डीएमएच-11 की पर्यावरणीय रिहाई की अनुमति देने के सरकार के फैसले को रद्द कर दिया। अक्टूबर 2022 में जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (जीईएसी) के इस निर्णय ने जैव विविधता, मानव स्वास्थ्य और कृषि पद्धतियों पर जीएम फसलों की सुरक्षा, आवश्यकता और संभावित प्रभाव पर देशव्यापी बहस छेड़ दी।

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जीएम सरसों की पर्यावरणीय रिहाई पर असहमति के बावजूद, पीठ जीएमओ पर एक राष्ट्रीय नीति के महत्व को रेखांकित करने में स्पष्ट थी। इसने केंद्र सरकार को राज्यों, स्वतंत्र विशेषज्ञों और किसान निकायों सहित सभी हितधारकों के साथ उचित परामर्श के बाद जीएमओ पर एक राष्ट्रीय नीति विकसित करने का निर्देश दिया।

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