Hexagon Plan क्या है, जिसमें मोदी को शामिल करना चाहते हैं नेतन्याहू?

By अभिनय आकाश | Feb 27, 2026

इचक दाना बीचक दाना दाने ऊपर दाना यह गाना एक दोपहर नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में बजाया गया। उस रोज एक देश के प्रधानमंत्री और उनका डेलीगेशन यहां आया हुआ था। मेहमानों के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक लंच होस्ट किया उस दिन। डाइनिंग टेबल पर दोनों तरफ डेलीगेट्स बैठे थे। बॉलीवुड सॉन्ग पर डेलीगेट तो डेलीगेट मेहमान प्रधानमंत्री भी बहुत खुश हुए। उन्हें यह गाना याद था और उन्होंने इस परिस्थिति को खूब एंजॉय किया। तब भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने बड़ी खुशी से प्रेस को बताया था कि मेहमान 1955 में आई राज कपूर की फिल्म श्री 420 का ईचक दाना बीचक दाना तुरंत पहचान गए थे। हसरत जयपुरी का लिखा और लता मंगेशकर का गाया ईचक दाना फिल्म की रिलीज के 63 साल बाद तक याद रखने वाले विदेशी प्रधानमंत्री का नाम बेंजामिन नेतन्याहू था। 2025 में नेतन्याहू का भारत दौरा तीन बार कैंसिल हुआ। और फिर समाधान वैसे निकला जैसे तुम नहीं आ पा रहे तो मैं ही चला आता हूं। 25 फरवरी को इजराइल के दो दिन के दौरे पर पीएम मोदी गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजराइल दौरा मुकम्मल हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल के दौरे को आप भारत और इजराइल के रिश्तों का स्पेशल 27 भी कह सकते हैं क्योंकि करीब-करीब 27 घंटे का प्रधानमंत्री मोदी का ये इजराइल का दौरा था। 16 समझौते हुए हैं। 11 बड़े ऐलान हुए हैं। कुल 27 बटरल आउटकम्स। रिश्ते को नया नाम मिला है। स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को अब स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप कहा जाएगा। लेकिन इन सब भारीभरकम शब्दों का मतलब क्या है? इस दौरे की पूरी बैलेंस शीट क्या कहती है? 

बातचीत में तकनीक पर रहा फोकस

दोनों देशों की बातचीत में तकनीक फोकस में रही, इसमें साइबर सेक्योरिटी, इनोवेशन और एआई, रिसर्च और स्टार्ट अप शामिल है। विज्ञान और तकनीक पर मौजूद जॉइंट कमिशन को मंत्रीस्तरीय दर्जे तक ले जाने का फैसला लिया गया। इससे इस क्षेत्र में समन्वय में मदद मिलेगी।

इसे भी पढ़ें: Gaza संकट के बीच Modi की Israel यात्रा पर Mehbooba Mufti भड़कीं, कहा- PM को Netanyahu को गले नहीं लगाना चाहिए था

एक्सिलेंस सेंटर बढ़ेंगे

भारत में इस्त्राइल की मदद से चल रहे 43 सेंटर ऑफ एक्सीलेस को विस्तार देकर 100 करने पर फैसला। भारत में भारत में एग्रीकल्चर इनोवेशन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर की स्थापना होगी।

शांति का संदेश दिया

विदेश सचिव ने बताया कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने ईरान और अमेरिका के मौजूदा तनाव को लेकर बातचीत की। शांति से बातचीत पर जोर दिया। कहा, गाजा के पुनर्निमाण में भी भूमिका देख रहे है।

इजरायली राष्ट्रपति से भी मिले मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दौरान इस्त्राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार, प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-इस्त्राइल विशेष साझेदारी को मजबूत करने में राष्ट्रपति हर्जोग के अटूट समर्थन के लिए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने इस्राइल के राष्ट्रपति को भारत आने का न्योता भी दिया।

FTA पर वार्ता का दूसरा दौर मई में

भारत और इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर दूसरे दौर की बातचीत मई में करेंगे। यह वार्ता इस्त्राइल में होगी। राष्ट्रीय राजधानी में रविवार से शुरू हुआ वार्ता का पहला दौर गुरुवार को पूरा हुआ। दोनों देशों ने FTA के टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर पिछले साल नवंबर में दस्तखत किए थे। दोनों देशो का आपसी कारोबार वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 3.62 बिलियन डॉलर का था।

मेक इन इंडिया

यूरोप की कंपनियां भारत के अंदर यानी फ्रांस की एयरबस कंपनी जो है वो भारत में आकर एच 125 हेलीकॉप्टर बनाती है जो कि भारत के भी काम आएगा और उसके साथ-साथ दुनिया के अलग-अलग देशों में उसका निर्यात भी किया जाएगा जो कि दुनिया काफी ज्यादा बिकने वाला हेलीकॉप्टर है और जब उन्हें लगा कि हेलीकॉप्टर की मांग बहुत ज्यादा है। हम उसकी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं और कम से कम यूरोप की फैक्ट्रियों से नहीं कर पा रहे हैं तो क्यों ना इसे भारत में ले जाया जाए। यही भारत की यूएसपी है यानी यूनिक सेलिंग प्रपोजिशन है जिसके साथ हम अब जाकर अंतरराष्ट्रीय मेज के ऊपर बात कर पाते हैं, सौदा कर पाते हैं। ये मेक इन इंडिया की जो बात है ये अब लोगों को समझ में आने लगी है कि भारत के साथ कारोबार करने में दोहरा फायदा है। भारत बड़ा खरीदार भी है और भारत जो है वो आपको स्किल और स्केल भी देता है। यानी आपको यदि काम करने के लिए बेहतरीन प्रोफेशनल चाहिए।

स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व

भारत ने अपने स्ट्रैटेजिक ऑयल रिज़र्व में यानी भारत दुनिया का बड़ा तेल खरीदार है और उसके साथ-साथ भारत ने सऊदी अरब जैसे देश को यह प्रस्ताव भी दे रखा है। कई देशों ने भारत के अंदर अह स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व अपना किया है कि यदि पश्चिम एशिया के इलाके के अंदर युद्ध की आग भड़कती है तो आपका तेल निर्यात प्रभावित ना हो। इसके लिए आप आइए हमारे स्ट्रेटेजिक ऑयल रिजर्व में यानी कर्नाटक के उन चट्टानों के अंदर उन बड़े-बड़े पत्थरों के अंदर उन पहाड़ों के अंदर जो हमने स्ट्रेटेजिक ऑयल रिजर्व बनाए हैं आप उस सुविधा का लाभ उठाइए ताकि आपका ऑयल भारत में तो कंज्यूम हो ही सके।

गाज़ा की शांति परियोजना में 170 मिलियन डॉलर की मदद

गाज़ा की शांति परियोजना को लेकर गाज़ा के अंदर भारत ने गाज़ा पीस प्लान का समर्थन किया। लेकिन इस कैविएट के साथ में कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जिस प्रस्ताव  को समर्थन दिया है उसके तहत जो गाज़ा पीस प्लान बना है भारत उसका समर्थन करता है। साथ ही एक बड़ी महत्वपूर्ण बात प्रधानमंत्री मोदी के इजराइल में रहते हुए भारत के विदेश सचिव विक्रम मिश्री की तरफ से कही गई कि भारत गाज़ा की शांति परियोजना में पहले ही करीब-करीब 170 मिलियन डॉलर जो है उसकी मदद दे रहा है। 40 मिलियन डॉलर की जो विकास परियोजनाएं हैं या जो सहायता परियोजनाएं हैं वो भी भारत के पास तैयार हैं। कई ऐसी क्षमताएं हैं जिसमें भारत गाज़ा के लोगों के मरह के ज़ख्मों पर मरहम लगा सकता है। वहां मदद पहुंचा सकता है। भारत उसमें अपनी भूमिका निभा सकता है और इसके लिए भारत तैयार भी है। 

हेक्सागन प्लान

नेतन्याहू ने पीएम मोदी के आने से ठीक पहले एक विज़न दुनिया के सामने रखा। उनका कहना है कि वह मिडिल ईस्ट के इर्द-गिर्द अलायंस यानी गठबंधनों का एक पूरा सिस्टम बनाना चाहते हैं। इसमें छह तरह के देश शामिल होंगे। पहला भारत जिसे उन्होंने ग्लोबल पावर कहा है। दूसरे अरब देश, तीसरे अफ्रीकी देश, चौथे ग्रीस और साइपस जैसे मेडिटेरेनियन देश और बाकी एशिया के कुछ और देश। अब अगर आप नक्शे पर नजर डालें तो यह बिल्कुल वैसा ही नक्शा है जैसा आईएमईसी यानी इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर का था। लेकिन नेतन्याहू का मकसद सिर्फ व्यापार नहीं है। वो साफ कह रहे हैं कि यह गठबंधन रेडिकल दुश्मनों के खिलाफ होगा। नका इशारा शिया और सुन्नी एक्सिस की तरफ है। यानी आसान शब्दों में कहें तो ईरान और उसके प्रोक्सी गुटों के खिलाफ एक लोहे की दीवार खड़ी करना। नेतन्याहू  ने पीएम मोदी को पर्सनल फ्रेंड कहा है। लेकिन दोस्ती अपनी जगह है और कूटनीति अपनी जगह। किंग कॉलेज लंदन के प्रोफेसर एंड्रियास क्रेक का मानना है कि इजराइल दरअसल खुद को घिरा हुआ महसूस कर रहा है। उसे लगता है कि अगर भारत जैसा ग्लोबल पावर उसके साथ खुलकर खड़ा हो गया तो ईरान, तुर्किए और दूसरे दुश्मनों को कड़ा संदेश जाएगा। नेतन्या चाहते हैं कि भारत इस हेक्सागन का एंकर बने। यानी वो धुरी जिसके भरोसे यह पूरा गठबंधन टिका हो। लेकिन यहां भारत के लिए मामला इतना सीधा नहीं है।  

प्रमुख खबरें

Gulf of Oman में गरमाई Geopolitics, अमेरिकी नौसेना को देखते ही प्रतिबंधित टैंकर ने बदला रूट

Champions League: Barcelona के सामने Comeback की बड़ी चुनौती, Atletico से Quarter-final में करो या मरो की जंग।

Grandmaster Harika Dronavalli ने तोड़ी चुप्पी, नमस्ते विवाद पर बोलीं- Social Media पर गलत समझा गया

Asian Wrestling में भारत का गोल्डन डे, Sujit और Abhimanyu ने Gold Medal जीतकर रचा इतिहास