Jan Gan Man: परिवारवाद, जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद की राजनीति करने वाले नेताओं का इलाज क्या है?

By नीरज कुमार दुबे | Mar 06, 2024

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मंत्रिपरिषद की हालिया बैठक में विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए रोडमैप बनाया और उसके आधार पर लोकसभा चुनावों में जाने के लिए अपने मंत्रियों को निर्देश दिया। भाजपा के अन्य नेता भी 2047 का भारत कैसा होना चाहिए, इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं लेकिन दूसरी ओर कुछ ऐसे दल भी हैं जो जोड़ने के नाम पर समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं। एक बड़ा विपक्षी नेता घूम घूमकर लोगों की जाति पूछ रहा है और देश में सारे काम छोड़ कर जाति जनगणना की मांग कर रहा है तो एक अन्य बड़े विपक्षी नेता ने कह दिया है कि भारत एक देश ही नहीं है।  अपनी राजनीति चमकाने के लिए कोई विपक्षी नेता उत्तर बनाम दक्षिण की बात कह कर तनाव पैदा करने का प्रयास कर रहा है तो कोई अपने परिवार को ही आगे बढ़ाने में लगा हुआ है।

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इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और भारत के पीआईएल मैन के रूप में विख्यात अश्विनी उपाध्याय का कहना है कि यह सब समस्याएं इसलिए हैं क्योंकि कानून घटिया है और न्यायिक व्यवस्था सड़ी हुई है। उनका कहना है कि जब तक कानूनों को सख्त नहीं बनाया जायेगा तब तक यह सब समस्याएं समाप्त नहीं होंगी।

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