By अभिनय आकाश | Jan 28, 2026
लाल सागर एक बार फिर बारूद की गंध से भरता दिख रहा है। अमेरिकी युद्धपोत जैसे ही ईरान के स्ट्राइक रेंज के करीब पहुंचे ईरान समर्थित होती विद्रोहियों ने चुप्पी तोड़ते हुए एक झकझोर देने वाला वीडियो जारी कर दिया। यह कोई सामान्य धमकी नहीं है बल्कि बीते हमलों के उन दृश्य सबूतों का खुला प्रदर्शन भी है जिन्हें अब तक पर्दे के पीछे रखा गया था। संदेश सीधा है। यह प्रॉक्सी वार अब छिपा नहीं रहा। हूती लड़ाकों के कंट्रोल रूम टारगेट लॉक करने की प्रक्रिया और मिसाइल फायर करने के दृश्य दिखाए गए हैं। यह बीटीएस फुटेज बताती है कि 2024 में हुए जहाजी हमले कैसे अंजाम दिए गए। इसी वीडियो में साल 204 में ब्रिटिश ऑयल टैंकर मार्ली लुआंडा पर हुए हमले की पूरी कहानी भी दिखाई गई। लाल सागर में यह जहाज हूती मिसाइल की चपेट में आया और घंटों तक आग की लपटों में घिरा रहा। का दावा है कि यह हमला सीधे तौर पर ब्रिटेन और उसके सहयोगियों को चेतावनी देने के लिए किया गया था। ताकि यह साफ कर दिया जाए कि रेड सी में कोई भी जहाज अब सुरक्षित नहीं है।
यमनी सहस्त्र बलों के नौसेनान ने अल्लाह की मदद से ब्रिटिश तेल जहाज मार्लेन लुंडा को अदन की खाली में कई उपयुक्त नौसैनिक मिसाइलों से निशाना बनाया। हमला सीधा था जिससे जहाज में आग लग गई। इसके बाद वीडियो में उस पूरे ऑपरेशन की व्याख्या की जाती है जिसे होती एक रणनीतिक सैन्य कारवाई बताते हैं। मले लुआंडा समुद्र के बीचोंबीच था। हमने जानबूझकर अदन की खाली में उसे निशाना बनाया ताकि दुश्मन को संदेश दिया जा सके कि हम क्षेत्र के किसी भी हिस्से में किसी भी लक्ष्य पर हमला करने के लिए तैयार हैं। उचित स्थान तय करने के बाद यमनी मिसाइल बलों ने रेड सी मिसाइलें ताकी। जहाज को बीच में निशाना बनाया गया और तुरंत आग लग गई। आग लगने के बाद अमेरिकी, फ्रांसीसी और भारतीय युद्धपोतों ने आग बुझाने की कोशिश की। आग 19 घंटे से ज्यादा समय तक जलती रही।
ब्रिटेन को उस जहाज से सबक लेना चाहिए जो पूरी रात जलता रहा। इसका नुकसान उन्हें और उनकी अर्थव्यवस्था को ही होगा बिना किसी लक्ष्य को हासिल किए। हूं विद्रोहियों का यह वीडियो सिर्फ बीते हमले की कहानी नहीं सुनाता बल्कि आने वाले टकराव का ट्रेलर भी माना जा रहा है। जैसे-जैसे अमेरिकी नौसेना आगे बढ़ रही है, ईरान के सहयोगी मोर्चे खोलने के संकेत दे रहे हैं। रेड सी अब सिर्फ व्यापारिक रास्ता नहीं बल्कि एक सक्रिय युद्ध क्षेत्र बनता जा रहा है। जहां अगली चिंगारी कभी भी भड़क सकती है। जिहादल पिछले दो महीनों में कई पक्षों ने हमसे एक साफ और सीधा सवाल पूछा है। अगर इजराइल और अमेरिका ईरान के साथ युद्ध में जाते हैं तो क्या हिजबुल्लाह हस्तक्षेप करेगा? इन पक्षों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे हिजबुल्लाह से यह वचन ले कि वह किसी भी हाल में हस्तक्षेप नहीं करेगा और खुद को अलग रखेगा।