By अभिनय आकाश | Sep 18, 2026
भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर इस वक्त भूटान के दौरे पर हैं। जहां उनके इस दौरे से ही लगातार कई बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी कि यूपीआई का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। अब भारत और भूटान के बीच डिजिटल लेनदेन को पूरी तरीके से टू वे सिस्टम कर दिया गया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोपगे ने मिलकर इंटरनेशनल यूपीआई के फेज टू को आधिकारिक तौर पर ल्च कर दिया है। इस कदम का जो सीधा फायदा होगा वो यह होगा कि अब भूटान से भारत आने वाले नागरिक बिना किसी कैश एक्सचेंज के झंझट के सीधे अपने बैंक खाते और यूपीआई के जरिए भारत में कहीं भी डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे। इससे पहले भूटान के अंदर भारतीय नागरिकों के लिए यूपीआई सेवा शुरू कर दी गई थी और अब इसे दोनों देशों के नागरिकों के लिए लगा दिया गया है।
वहीं डेयरी सेक्टर को मजबूती देने के लिए भारत की ओर से भूटान को 43 प्योर लाइन जर्सी गाय भी सौंपी गई। इतना ही नहीं अपने इस दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऐतिहासिक वांगडू चोलिंग पैलेस का दौरा भी किया और भूटान के पवित्र कोंगजोई लहांगथांग में पूजा अर्चना भी की। दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्ते हैं जिसको दोनों ही देश सम्मानित कर रहे हैं। यशंकर ने भूटान के राजा के साथ भी मुलाकात की है और भारत की ओर से पड़ोसी फर्स्ट यानी कि नेबरहुड फर्स्ट की नीति के तहत भारत और भूटान के रिश्ते पारंपरिक से आगे बढ़कर कूटनीतिक टेक्नोलॉजी सस्टेनेबल एनर्जी और डिजिटल इकॉनमी के मॉडल पर काम कर रहे हैं।