रूस-चीन का फेल हुआ प्लान, UN परमाणु प्रतिबंधों से पहले क्या बड़ा करने जा रहा ईरान? फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन से वापस बुलाए राजदूत

By अभिनय आकाश | Sep 27, 2025

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राष्ट्रपति पेजिस्कियान के भाषण का पूरी दुनिया में जिक्र हो रहा है। 193 देशों के सामने ईरान के राष्ट्रपति ने जो बातें कही हैं उसकी चर्चा पूरे मीडिल ईस्ट से लेकर यूरोप तक हो रही है। इस भाषण के दौरान पेजिस्कियान ने कई बड़ी बातें कही। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर बहुत गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ईरान पर हमले किए गए ये अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा और खुला उल्लंघन था। ईरान के नागरिकों बच्चों, महिलाओं, सैन्य अधिकारियों और वैज्ञानिकों की हत्या की गई। इन्होंने इजरायल और अमेरिका पर सीधा आरोप लगाया। गाजा, सीरिया, यमन और लेबनान का जिक्र करते हुए पेजिस्कियान ने कहा कि दो सालों में जो कुछ हो रहा है वो एक नरसंहार है। इसकी आलोचना की जाने चाहिए। महिलाओं और बच्चों की हत्या की जा रही है। 

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रूस-चीन की कोश्श नाकाम

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के कारण उसपर फिर से तत्काल प्रतिबंध नहीं लगाने संबंधी कुछ देशों के अंतिम प्रयास को समय सीमा से एक दिन पहले खारिज कर दिया। यह कदम ऐसे वक्त उठाया गया जब पश्चिमी देशों ने दावा किया कि हफ्तों की बैठकों के बावजूद कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है।  ईरान पर फिलहाल प्रतिबंध नहीं लगाने संबंधी प्रस्ताव 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में ईरान के सबसे शक्तिशाली और निकटतम सहयोगी रूस और चीन ने पेश किया था। 

क्या होंगे नए प्रतिबंध?

हथियारों पर रोक

यूरेनियम संवर्धन पर प्रतिबंध

परमाणु हथियार ले जाने योग्य मिसाइलों पर रोक

संपत्ति फ्रीज और यात्रा पर पाबंदी

ईरान एयर और ईरान शिपिंग लाइन्स की तलाशी का अधिकार

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फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन से राजदूत वापस बुलाए

ईरान ने 27 सितंबर, 2025 को अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के फिर से लागू होने से पहले फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया। तीनों देशों ने ईरान पर अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ सहयोग न करने और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ सीधी बातचीत न करने के कारण लगाए गए प्रतिबंधों को राजनयिकों द्वारा स्नैपबैक प्रतिबंध कहा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने इस कदम की सूचना देते हुए कहा कि राजदूतों को परामर्श के लिए वापस बुलाया जाएगा।

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