लश्कर से संबंध, ISI संग कनेक्शन, जंजीरों में बांध अमेरिका से लाए गए आतंकी ने कौन-कौन से राज खोल दिए?

By अभिनय आकाश | Apr 11, 2025

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा से पूछताछ की। उसे अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद हिरासत में लिया गया था। सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ता पूछताछ के दौरान तीन मुख्य क्षेत्रों 26/11 हमलों की योजना बनाने में राणा की भूमिका, आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा के साथ उसके संबंध और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ उसके कथित संबंध पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।  राणा को अमेरिका से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कराने के बाद भारत लाया गया और फिर उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। पाकिस्तानी मूल के 64-वर्षीय कनाडाई नागरिक राणा को बृहस्पतिवार शाम एक विशेष विमान से दिल्ली लाया गया। 

डीआईजी जया रॉय के नेतृत्व में एनआईए अधिकारियों की 12 सदस्यीय टीम, जिन्होंने तहव्वुर राणा के अमेरिका से प्रत्यर्पण को सुरक्षित करने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। उन्हें पूछताछ का काम सौंपा गया है।

हिरासत अवधि के दौरान, एनआईए ने राणा से व्यापक पूछताछ करने की योजना बनाई है ताकि उस साजिश की पूरी सीमा का पता लगाया जा सके जिसके कारण मुंबई हमलों के दौरान 166 लोगों की मौत हुई और 238 से अधिक लोग घायल हुए। साजिशकर्ता से पूछताछ करने के लिए आठ अन्य एजेंसियों ने भी एनआईए से संपर्क किया है।

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जांचकर्ता यह भी पता लगाएंगे कि राणा को कौन फंड दे रहा था, स्लीपर सेल से उसके संबंध और उसके व्यापारिक सहयोगियों की पहचान क्या है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि उसने भारत में किन लोगों को फंड दिया होगा और 26/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड हेडली की देश में यात्रा के दौरान किन लोगों ने सहायता की थी।

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पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया और गुरुवार शाम को दिल्ली में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल पहुंचने पर उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। एनआईए ने 20 दिन की रिमांड मांगी और कहा कि 26 नवंबर, 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों द्वारा किए गए समन्वित हमलों के पीछे की साजिश के पूरे दायरे को उजागर करने के लिए राणा से हिरासत में पूछताछ महत्वपूर्ण है।

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