By अभिनय आकाश | May 11, 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐसा भूचाल आया है जिसकी गूंज सिर्फ कोलकाता तक सीमित नहीं रही है बल्कि बांग्लादेश तक भी वह सुनाई देने लगी है। कोलकाता के परेड ग्राउंड में बीजेपी की पहली सरकार ने शपथ ली और शुभेंदु अधिकारी अब आधिकारिक तौर पर पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बन चुके हैं। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही है वो है बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खास बयान की। जैसे ही शेख हसीना ने शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी की जीत पर बधाई दी, सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस और तीखी प्रतिक्रियाएं का तूफान आ गया था। बता दें कि शपथ ग्रहण समारोह के बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया गया था। परेड ग्राउंड में हजारों समर्थकों की मौजूदगी रही और साथ ही साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंच पर मौजूद रहे। समारोह खत्म होने के बाद पीएम मोदी ने घुटनों के बल बैठकर जनता को प्रणाम किया जिसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। लेकिन इसी बीच असली हलचल तब शुरू हुई जब शेख हसीना का बयान सामने आया। दरअसल कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने यह कहा है कि वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत पर बधाई देती हैं और खासतौर पर शुभेंदु अधिकारी को शुभकामनाएं देती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के नतीजे दिखाते हैं कि जनता ने शुभेंदु अधिकारी पर भरोसा जताया है और भारत और बांग्लादेश रिश्तों में भी बंगाल की भूमिका हमेशा अहम रही है।
कभी वह ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक गिने जाते थे।
नंदीग्राम आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका ने उन्हें बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा बताया था। टीएमसी सरकार में उन्होंने परिवहन और सिंचाई जैसे अहम मंत्रालय भी संवारे थे। लेकिन 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था और उसके बाद बंगाल की राजनीति पूरी तरह से बदल गई थी। अब वहीं शुभेंदु अधिकारी बीजेपी के पहले बंगाल मुख्यमंत्री बन चुके हैं और इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से बंगाल और बांग्लादेश के रिश्तों को चर्चा के केंद्र में लाकर फिर से खड़ा कर दिया है। सीमा, घुसपैठ, अल्पसंख्यक राजनीति चुनावी ध्रुवीकरण और बंगाल की बदलती राजनीतिक दिशा अब आने वाले समय में और बड़े तूफान ला सकती है।