अल्लाह का नाम लेकर महिलाओं पर बांग्लादेशी नेता ने जो कहा, सब हैरान!

By अभिनय आकाश | Feb 01, 2026

बांग्लादेश से एक ऐसा नया बयान सामने आया है जिसने पूरी दुनिया को हैरान करके रख दिया है। यह बयान सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि महिलाओं की भूमिका, उनकी सुरक्षा और उनके अधिकारों पर सीधा सवाल खड़ा करता है। एक बार फिर से बांग्लादेश की राजनीति में कट्टरपंथी सोच खुलकर सामने आ गई है और यह बयान आया है कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात इस्लामी के प्रमुख शफीक उर रहमान की तरफ से। तो सवाल सीधा उठता है कि जिस देश को दशकों तक महिलाओं ने लीड किया वहीं पर आज महिला नेतृत्व को असंभव बताया जा रहा है। दरअसल जमात इस्लामी प्रमुख शफीक उर रहमान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी कट्टरपंथी सोच का एक नमूना पेश किया। उन्होंने बयान देते हुए यह कहा कि हमारी पार्टी में कभी भी कोई महिला प्रमुख नहीं बन सकती। उन्होंने इसके पीछे धार्मिक दायित्व और जैविक सीमाओं को उनका तर्क दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अल्लाह ने पुरुष और महिलाओं को अलग-अलग बनाया है। पुरुष बच्चे पैदा नहीं कर सकते। उनका ख्याल नहीं रख सकते और वहीं जो यह काम है वो महिला कर सकती है। 

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ये एक बहुत बड़ी विडंबना है। यानी कि इसे आप ऐसे सोच सकते हैं, समझ सकते हैं कि जिस देश का नेतृत्व दुनिया ने महिला हाथों में देखा है, आज वही महिला नेतृत्व को प्रैक्टिकल नहीं बताया जा रहा है बांग्लादेश में। अब जरा आंकड़ों पर नजर डालते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश की राजनीति आज भी बड़े पैमाने पर पुरुष प्रधान बनी हुई है। 12 फरवरी को होने वाले चुनावों के लिए दाखिल किए गए तकरीबन 2500 नामांकन पत्रों में से सिर्फ 109 महिला उम्मीदवार हैं। यानी कुल उम्मीदवारों का जो महज परसेंटेज अगर हम देखें तो 4.2%। इतना ही नहीं चुनाव लड़ रहे 50 राजनीतिक दलों में से 30 दलों ने एक भी महिला उम्मीदवार चुनावों में नहीं उतारी है जो हाल ही में अब महज कुछ ही दिनों में बांग्लादेश में होने वाले हैं। 

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