भारत से गद्दारी, 850 एकड़ की जमीन बांग्लादेश ने चीन के ड्रोन प्लांट के लिए दी!

Bangladesh
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अभिनय आकाश । Jan 30 2026 3:01PM

साल के अंत तक यहां प्रोडक्शन की भी शुरुआत हो जाएगी। यहां मीडियम रेंज और वर्टिकल लिफ्ट वाले ड्रोन बनेंगे। चटगांव का प्लांट भारत की सीमा से महज 100 किमी दूर है। बांग्लादेश दक्षिण भारत एशिया में भारतपाकिस्तान के बाद ड्रोन बनाने वाला तीसरा देश बन जाएगा।

बांग्लादेश सरकार की भारत के खिलाफ एक बड़ी साजिश सामने आई है। भारत को दी गई एसपी जेड की भूमि आवंटन रद्द कर दिया गया। एसएस की भूमि जो है वो रद्द कर दी गई है। चटगांव में 850 एकड़ जमीन का आवंटन था उसे रद्द किया गया। बांग्लादेश ने चीन को जमीन दिया है। अब बांग्लादेश में ड्रोन प्लांट जो है चीन बना रहा है। यह बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। साल के अंत तक यहां प्रोडक्शन की भी शुरुआत हो जाएगी। यहां मीडियम रेंज और वर्टिकल लिफ्ट वाले ड्रोन बनेंगे। चटगांव का प्लांट भारत की सीमा से महज 100 किमी दूर है। बांग्लादेश दक्षिण भारत एशिया में भारतपाकिस्तान के बाद ड्रोन बनाने वाला तीसरा देश बन जाएगा।

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 चीन अब वहां पर ड्रोन प्लांट बना रहा

बांग्लादेश की यूनुस सरकार की एक और साजिश सामने आई है। चटगांव में भारत को दी गई सेज (स्पेशल इकोनॉमिक जोन) का भूमि आवंटन रद्द कर दिया गया है। लगभग 850 एकड़ में अब बांग्लादेश चीन का ड्रोन प्लांट बना रहा है। साल के अंत तक यहां प्रोडक्शन भी शुरू हो जाएगा। चीन ड्रोन टेक्नोलॉजी को ट्रांसफर करने को भी राजी हो गया है। यहां मीडियम रेंज और वर्टिकल लिफ्ट वाले ड्रोन बनेंगे। चटगांव प्लांट भारतीय सीमा से 100 किमी दूर है। बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत-पाक के बाद ड्रोन बनाने वाला तीसरा देश बन जाएगा।

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20 हजार करोड़ की जेट डील, पेमेंट 10 साल में

चीन ने बांग्लादेश को 20 जे-10सी फाइटर जेट देने की डील भी की है। ये सप्लाई भी साल के अंत से शुरू हो जाएगी। चीन ने बांग्लादेश को पेमेंट में भी बड़ी मोहलत दी है। करार के मुताबिक बांग्लादेश को इन जेट्स का लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का भुगतान अगले 10 साल में करना होगा। बांग्लादेश का ये अब तक का किसी भी देश के साथ जेट खरीद का सबसे बड़ा सौदा है। चटगांव में बन रहे ड्रोन प्लांट में भी शुरुआती रकम चीन ने अपने खजाने से लगाई है। चीन सरकार का सैन्य उपक्रम सीईटीसी इस प्लांट का निर्माण कर रहा है। सीईटीसी ने कई अफ्रीकी देशों जैसे सोमालिया, लीबिया और मोरक्को में भी डिफेंस प्रोडक्शन यूनिट लगाई हैं

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