By एकता | Jun 19, 2023
डायबिटीज को लेकर हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की गयी थी, जिसमें काफी चौकाने और चिंताजनक आंकड़े सामने आए थे। रिपोर्ट्स के आंकड़ों के अनुसार, भारत में डायबिटीज से पीड़ित मरीजों की संख्या 101 मिलियन के पार पहुंच गयी है। इसके अलावा सामने आया है कि देश की कुल आबादी में से 15.3 प्रतिशत लोग प्री-डायबिटीज की स्थिति में है। इसमें बच्चे, युवा और बूढ़े लोग शामिल है। एक तरह देश में डायबिटीज की समस्या चिंताजनक स्थिति में पहुँचती जा रही है। वहीं दूसरी तरह लोगों की चीनी खाने की लालसा खत्म नहीं हो रही है। चीनी खाने की लत डायबिटीज को खतरनाक स्तर पर लेकर जा सकती है। इसलिए लोगों समय रहते अपनी चीनी खाने की लालसा, जिसे शुगर क्रेविंग भी कहा जाता है, को सुधार लेना चाहिए।
गर्मियों के मौसम में मिलने वाले जामुन को डायबिटीज के मरीजों को खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि ये ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसलिए जब भी आपको चीनी खाने की क्रेविंग हो रही है तो आप जामुन का सेवन कर सकते हैं। ये फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट से भरे होते हैं, जो आपकी चीनी खाने की लालसा को मिनटों में खत्म कर देंगे।
चीनी की लालसा को कम करने के लिए लोगों को शकरकंद का सेवन करने की सलाह दी जाती है। फाइबर और विटामिन से भरपूर शकरकंद में प्राकर्तिक मिठास पाई जाती है। इसलिए इसका सेवन करने से डायबिटीज होने का भी खतरा नहीं होता है। इसके अलावा ये खून में शुगर लेवल को नियंत्रित करने का करती है।
चॉकलेट में मिठास भरी होती है, जो चीनी की लालसा को बढ़ा देती है। इसलिए एक्सपर्ट्स लोगों को चॉकलेट की बजाय डार्क चॉकलेट का सेवन करने की सलाह देते हैं। डार्क चॉकलेट मीठी नहीं बल्कि कड़वी होती है, जो लोगों की शुगर क्रेविंग को नियंत्रित करती है। जब भी शुगर खाने की लालसा हो तब डार्क चॉकलेट के एक छोटे से टुकड़े का सेवन कर लें, क्रेविंग नियंत्रित हो जाएगी।
डायबिटीज की मरीजों या फिर वजन कम करने की चाहत रखने वाले लोगों को सुबह पानी में दालचीनी पाउडर मिलाकर सेवन करने की सलाह दी जाती है। दरअसल, दालचीनी में शुगर क्रेविंग को नियंत्रित करने के गुण पाए जाते हैं। इसलिए जब इसका सुबह उठकर सेवन किया जाए तो पूरे दिन चीनी खाने की तलब को नियंत्रित किया जा सकता है। चीनी का सेवन नहीं होगा तो न वजन बढ़ेगा और न ही डायबिटीज का खतरा।