By अंकित सिंह | Jul 09, 2025
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजनीति के बाद अपनी सेवानिवृत्ति योजना को लेकर बड़ा बयान दिया है। अहमदाबाद में ‘सहकार संवाद’ कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन से दूर होने के बाद वह प्राकृतिक खेती पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं और वेदों और उपनिषदों जैसे हिंदू ग्रंथों को पढ़ने में अधिक समय बिताना चाहते हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती को एक वैज्ञानिक पद्धति बताया जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है।
अमित शाह ने कहा कि मैं जब देश का गृहमंत्री बना, तब सभी लोग मुझसे कहते थे कि आपको तो बड़ा महत्वपूर्ण विभाग मिल गया है। लेकिन जिस दिन मुझे सहकारिता मंत्री बनाया गया, उस दिन मुझे लगा कि गृह मंत्रालय से भी बड़ा डिपार्टमेंट मुझे मिल गया है, जो देश के किसानों, गरीबों, गांवों व पशुओं के लिए काम करता है। शाह ने अपना व्यक्तिगत अनुभव भी साझा करते हुए कहा कि अपने खेत में प्राकृतिक तरीकों को अपनाने के बाद से उनकी फसल की पैदावार 1.5 गुना बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि वे खेती की इस पद्धति के प्रति बहुत भावुक हैं और राजनीति से संन्यास लेने के बाद आध्यात्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने के साथ-साथ अपना पूरा समय इसी में लगाना चाहते हैं। कुछ महीने पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने स्वास्थ्य परिवर्तन के बारे में बात की थी, और बताया था कि कैसे सरल और स्वस्थ आदतों के माध्यम से उनकी जीवनशैली बेहतर हुई है।