By अभिनय आकाश | Sep 05, 2026
रूसी तेल की खरीद को लेकर पश्चिमी देश लगातार भारत पर दबाव बना रहे हैं। लेकिन भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अब सीधे यूक्रेन की धरती से इन देशों को दो टूक जवाब दे दिया है। उन्होंने साफ तौर पर यहां पर कहा है कि अगर भारत रूसी तेल खरीदना कम भी कर दे तो भी यूक्रेन की जंग नहीं रुकेगी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर अपने आधिकारिक दौरे पर यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे थे। यहां उन्होंने रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर पश्चिमी देशों को अब दो टूक जवाब दिया है और दो टूक जवाब देते हुए जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना कम भी कर दे तो इससे यूक्रेन की जंग नहीं रुकेगी। उन्होंने पश्चिमी देशों की उस दलील को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा है कि रूस की कमाई का जरिया बंद करने से वो जंग छोड़ने पर मजबूर हो जाएगा।
आपको बता दें पिछले महीने अमेरिकी सेनेट ने एक बिल पास किया था जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों जिसमें भारत और चीन भी शामिल हैं उन पर 100% तक का टेरिफ लगाने का अधिकार दे सकता है जो रूस से तेल और गैस का आयात जारी रखते हैं। इस कानून के पीछे तर्क यह है कि ऐसा व्यापार रूस की अर्थव्यवस्था को सहारा देता है और यूक्रेन में उसके सैन्य अभियानों को फंड करने में मदद करता है। अब बात करते हैं भारत और रूस के व्यापार के आंकड़ों की। अमेरिका के महीनों के दबाव के बावजूद रूस भारत के कच्चे तेल का सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है। हालांकि अगस्त में इसके आयात में गिरावट देखी गई।