By अभिनय आकाश | Sep 21, 2026
पिछले कुछ दिनों से अमेरिका के जिस बिल की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही थी, आखिरकार अब वह कानून बन गया है क्योंकि रूस और उससे तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा कसने वाला बिल दोनों सदनों से पास हो गया और ट्रंप ने भी उस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अब ट्रंप को यह शक्ति मिल गई है कि वह रूस और उन देशों पर 100% तक टेरिफ लगा सकते हैं जो रूस से बड़े पैमाने पर तेल और गैस खरीदते हैं। नए कानून को हथियार बनाकर ट्रंप जिन देशों पर टेरे बम फोड़ने वाले हैं उनमें भारत भी शामिल है। क्योंकि चीन के अलावा भारत भी रूसी तेल के बड़े आयतकों में आता है। लेकिन जैसे ही ट्रंप को 100% टेरिफ लगाने की पावर देने वाला बिल कानून बना तो अमेरिका के सांसदों ने भारत को धमकी देनी शुरू कर दी। मगर भारत ने भी इन सांसदों की धमकी का ऐसा तगड़ा जवाब दिया है कि ट्रंप भी देखते रह गए। क्योंकि भारत ने इस बार जो जवाब दिया है वह आरपार वाला है। यानी कि भारत ने एक तरह से अमेरिका को समझा दिया है कि अब धमकीबाजी नहीं चलेगी।
चीन और भारत आपके लिए बेहतर है कि आप अपना रवैया सुधारें। फिर भारत ने इस धमकी का ऐसा तगड़ा जवाब दिया कि पूरा अमेरिका हिला दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने 140 करोड़ लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए अलग-अलग देशों से तेल और गैस खरीदना जारी रखेगा और बाजार में बदलाव के हिसाब से फैसले लेगा। भारत अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार है। यानी कि भारत ने अमेरिका के धमकीबाज सांसद को बता दिया कि भारत पर इसका कोई असर पड़ने वाला नहीं है। भारत अपने ऊर्जा हितों को ध्यान में रखते हुए रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा। कुल मिलाकर साफ है कि इस बार भारत आरपार के मूड में है। अमेरिका अगर भारत पर टेरिफ लगाता है तो भारत भी पूरी तैयारी के साथ बैठा है और तुरंत मुंहतोड़ जवाब देने वाला फैसला लेगा और किसी भी कीमत पर वह अपने सबसे भरोसेमंद दोस्त और पुराने दोस्त रूस से रिश्ते नहीं तोड़ेगा। दरअसल रूस यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत लगातार रूसी तेल का आयात कर रहा है और रियायती दरों पर मिल रहे इस कच्चे तेल की खरीद में इजाफा भी होता गया है। फिलहाल की बात करें तो भारत अपनी कुल तेल जरूरत का 40% से ज्यादा क्रूड ऑयल रूस से खरीद रहा है।