Amit Shah जब गृह मंत्री बने थे तब उन्हें विरासत में जो तीन समस्याएं मिली थीं, वो अब खत्म होने के कगार पर हैं

By नीरज कुमार दुबे | Mar 29, 2025

अमित शाह जब भारत के गृह मंत्री बने थे तो उन्हें तीन समस्याएं विरासत में मिली थीं। पहली थी- नक्सली हिंसा, दूसरी जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और तीसरी पूर्वोत्तर में उग्रवाद। अमित शाह ने गृह मंत्री के रूप में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा कर राज्य में आतंकवाद की कमर तोड़ दी और अलगाववादियों के मन में भारतीय संविधान के प्रति प्रेम की भावना जगा दी। पूर्वोत्तर में उग्रवाद पर भी अमित शाह ने बड़ी चोट की। या तो उग्रवादी मारे गये या हथियार डाल कर मुख्यधारा के जीवन में लौट आये। इसी प्रकार नक्सली हिंसा के खात्मे के प्रति भी अमित शाह पूरी गंभीरता के साथ काम कर रहे हैं और मार्च 2026 तक भारत को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने का संकल्प लेकर उसे सिद्ध करने के लिए मजबूत रणनीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं। इस क्रम में छत्तीसगढ़ में लगातार माओवादी मारे जा रहे हैं। अभी इसी महीने की 10 तारीख को दो दर्जन से ज्यादा माओवादी मारे गये थे और भी 16 नक्सली ठोक दिये गये।

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वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि हथियार रखने वाले और हिंसा का सहारा लेने वाले लोग बदलाव नहीं ला सकते, केवल शांति और विकास से ही बदलाव लाया जा सकता है। शाह ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "नक्सलवाद पर एक और प्रहार! हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने सुकमा में एक अभियान में 16 नक्सलियों को मार गिराया तथा स्वचालित हथियारों का एक विशाल जखीरा बरामद किया।" गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "हथियार रखने वालों से मेरी अपील है कि हथियार और हिंसा से बदलाव नहीं आ सकता; केवल शांति और विकास से ही बदलाव लाया जा सकता है।" 

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