By अभिनय आकाश | Oct 16, 2024
भारत और कनाडा के रिश्ते लगातार तल्ख होते जा रहे हैं। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले को लेकर कनाडा लगातार भारत के साथ अपने संबंधों को बिगाड़ता जा रहा है। जस्टिन ट्रूडो से पहले उनके पिता पियरे ट्रूडो भी वहीं गलती दोहरा चुके हैं जो आज कनाडाई प्रधानमंत्री कर रहे हैं। उस वक्त भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सीनियर ट्रूडो की क्लास लगाई थी लेकिन वो नहीं समझे। फिर इसका खामियाजा उन्हें और 329 परिवारों को भुगतना पड़ा और बाद में खूब पछताए। इंदिरा गांधी ने भी खालिस्तानी मूवमेंट को समर्थन देने को लेकर सीनियर ट्रूडो को लाख समझाया लेकिन वो नहीं माने।
बाद में 23 जजून 1983 को कनाडा में रहने वाले खालिस्तानी आतंकियों ने एयर इंडिया के विमान में बम रखकर उसे उड़ा दिया था। जिसमें 329 लोगों की मौत हो गई थी। मॉन्ट्रियल से नई दिल्ली जा रहे एयर इंडिया के विमान कनिष्क को 23जून 1985 को आयरिश हवाई क्षेत्र में बम से उड़ा दिया गया था। विमान अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस आंतकी हमले में 329 लोग मारे गए थे। जिनमें से अधिकांश भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक थे। जिस समय विमान में बम विस्फोट हुआ तब लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से करीब 45 मिनट की दूरी पर प्लेन था। इस दौरान खालिस्तानी आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा का प्रमुख तलविंदर सिंह परमार एयर इंडिया विमान के हादसे का मास्टरमाइंड था। इस विमान हमले को लेकर कई लोग पियरो ट्रूडो को दोषी ठहराते हैं क्योंकि परमार को बचाने के लिए ट्रूडो ने इंदिरा गांधी की बात को नजरअंदाज किया था।