कब है परशुराम जयंती? जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजन विधि

By प्रिया मिश्रा | May 02, 2022

हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा स्वरूप माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान परशुराम का जन्म धरती से अन्याय और पाप को खत्म करने के लिए हुआ था।

तृतीया तिथि आरंभ - 3 मई 2022, सुबह 05 बजकर 19 मिनट 

तृतीया तिथि समाप्त - 04 मई 2022, सुबह 07 बजकर 33 मिनट 

परशुराम जयंती का महत्त्व 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान परशुराम को भगवान शिव का एकमात्र शिष्य माना जाता है। माना जाता है कि भगवान परशुराम ने कठोर तपस्या से भोलेनाथ को प्रसन्न किया था। जिसके बाद भगवान शिव ने उन्हें परशु फरसा दिया था। ऐसा माना जाता है कि परशुराम जयंती के दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन विधिपूर्वक पूजन और व्रत करने से निःसंतान लोगों को पुत्र की प्राप्ति होती है।

इसे भी पढ़ें: हाथ में है ये रेखा तो जरूर पूरा होगा विदेश जाने का सपना, कमाएंगे खूब पैसा

परशुराम जयंती पर कैसे करें पूजा 

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल पर एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद भगवान परशुराम को जल, चंदन, अक्षत, गुलाल, पुष्प और तुलसी दल आदि अर्पित करें। इसके बाद भगवान को भोग में मिठाई और फल चढ़ाएं और घी का दीपक जलाएं। इसके बाद आरती करें और प्रसाद सभी में बाँटें।

- प्रिया मिश्रा 

प्रमुख खबरें

एक दशक बाद Angelina Jolie का छलका दर्द, Brad Pitt से तलाक के बाद से सिंगल है, जाहिर की अपनीये ख्वाहिश

July Hindu Festival List: जगन्नाथ रथयात्रा से गुरु पूर्णिमा तक, यहां देखें हिंदू त्योहारों की पूरी लिस्ट

Kia Seltos अब और भी Smart, ADAS Level 2 के साथ लॉन्च हुए दो New Variants, जानें नई कीमत

कभी शादियों में ₹5,000 के लिए गाते थे Diljit Dosanjh, बयां किया बचपन का वो दौर जब बीमार होना भी एक Luxury थी