कब खेला गया था भारत में पहला डूरंड टूर्नामेंट? ISL की टीमें भी लेंगी हिस्सा

By निधि अविनाश | Aug 26, 2021

एशिया का सबसे पुराना और दुनिया का तीसरा सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट एक साल के ब्रेक के बाद वापस खेला जाएगा। कोरोना महामारी के कारण एक साल का ब्रेक लगने के बाद यह टूर्नामेंट अब 5 सिंतबर से 3 अक्टूबर 2021 के बीच कोलकाता में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट का नाम डूरंड कप है और इसका 130वां संस्करण का आयोजन भारतीय सशस्त्र बलों और पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संयुक्त रूप से सितंबर में कोलकाता में किया जाएगा। एक खबर के मुताबिक, यह दूसरी बार होगा जब फुटबॉल 2019 में पिछले संस्करण के बाद कोलकाता में यह टूर्नामेंट खेला जाएगा। इस फुटबॉल टूर्नामेंट के संस्थापक, सर मोर्टिमर डूरंड साल 1884 से 1894 तक ब्रिटिश भारत के विदेश सचिव के नाम पर रखा गया है और यह एशिया का सबसे पुराना और दुनिया का तीसरा सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है। बता दें कि इस टूर्नामेंट में 16 टीमें भाग लेंगी। 

भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा आयोजित, डूरंड कप पहली बार 1988 में शिमला में आर्मी कप के रूप में आयोजित किया गया था। पहले यह केवल भारत में ब्रिटिश भारतीय सेना के सैनिकों के लिए शुरू किया गया था, फिर बाद में 1940 में नागरिकों टीमों के लिए यह टूर्नामेंट शुरू किया गया। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि इसी साल मोहम्मडन स्पोर्टिंग ने रॉयल वारविकशायर रेजिमेंट को 2-1 से हराया था और टूर्नामेंट जीतने वाली पहली नागरिक टीम बन गई थी। वहीं प्रेसिडेंट कप पहली बार भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा प्रस्तुत किया गया था।

कितनी टीमें लेंगी हिस्सा?

आपको बता दें कि 2021 के डूरंड कप में भाग लेने वाली 16 टीमों में से 5 भारत की टॉप फुटबॉल टीम  इंडियन सुपर लीग से होगी। वहीं आई-लीग और आई-लीग सेकेंड डिवीजन का प्रतिनिधित्व तीन और दो टीमें होंगी।बाकि टीमें गृह मंत्रालय, दिल्ली के केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित विभिन्न भारतीय सशस्त्र बलों से होंगी। 

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