By अभिनय आकाश | Oct 05, 2024
नफरती बीज बोने वाला जाकिर नाइक गीता के दो श्लोक सुनकर सन्नाटे में चला गया। अपनी जहरीली तकरीरों में काफिर यानी गैर मुसलमानों के लिए भड़काऊं बातें करने वाला जाकिर नाइक हिंदू धर्म और देवी देवताओं पर सैकड़ों नफरती भाषण दे चुका है। कट्टरपंथी मौलानाओं के लिए जाकिर नाइक एक ऐसी ब्रेन वॉश मशीन है जिसका इस्तेमाल गैर मुसलमानों के लिए किया जाता है। लेकिन दुनियाभर में गैर मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलने वाले जाकिर नाइक की बोलती एक हिंदू प्रोफेसर ने बंद कर दी। पाकिस्तान की कराची में ये सब हुआ और जाकिर नाइक कुश बोल भी नहीं पाया। कट्टरपंथी शख्स जो हिंदुओं के खिलाफ नफरत के बीज बोता रहा है उसे गीता का ज्ञान मिल गया।
दरअसल, एक कार्यक्रम में जाकिर नाइक शामिल हुआ था। उसी कार्यक्रम में मनोज चव्हाण नाम के प्रोफेसर भी थे। इन्होंने गीता के श्लोक पढ़ते हुए जाकिर नाइक से कुछ ऐसे सवाल पूछे जिनका जवाब जाकिर दे नहीं पाया। प्रोफेसर मनोज ने मजहब के नाम पर दुनिया में जारी हिंसा पर सवाल खड़े किए। भगवत गीता का हवाला देते हुए पीछा कि आखिर ये कौन सी सोच है, जो मजहब के नाम पर हिंसा और युद्ध कराना सिखाती है। सबसे पहले मनोज चव्हाण ने जाकिर नाइक को सनातन धर्म की सोच के बारे में बताया। इसे के जरिए जाकिर की कट्टरपंथी सोच को टारगेट किया। भगोड़े से अब तक का सबसे कठिन सवाल पूछा। पाकिस्तान में एक सनातनी के सवाल ने जाकिर के सोच और तकरीरों को कटघरे में खड़ा कर दिया। अमन को लेकर प्रोफेसर मनोज चव्हाण के सवालों के जवाब भी जाकिर ने उसी सोच के साथ दिया, जिसके लिए वो जाना जाता है। कुल मिलाकर कहें कि एक तरफ तो पाकिस्तान में जाकिर नफरत के बीज बो रहा है और वहां की हुकूमत रेड कार्पेट बिछाकर उसका स्वागत कर रही है। वहीं अब हिंदुस्तान ने भी उसके पाकिस्तान दौरे पर सवाल खड़े किए हैं।