जहां ईरान ने मारी मिसाइल, वहीं 80 टन माल लेकर उतरा भारत, अब होगा असली खेल!

By अभिनय आकाश | Mar 09, 2026

अमेरिका और इजराइल के ईरान के साथ चल रहे इस भयंकर युद्ध ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है। लेकिन ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट के देशों में जहाज नहीं पहुंच पा रहे हैं। उड़ाने रद्द हो रही है और फ़ूड सिक्योरिटी का एक बड़ा संकट सामने खड़ा हो चुका है। उस वक्त भारत ने एक बार फिर अपनी दोस्ती का हाथ बढ़ाया। मदद मांगते ही भारत ने जहाज भेजा। सैकड़ों टन मदद पहुंचाई और इस कदम से ईरान भी हैरान हो गया। मार्च 2026 में यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इसे अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। यह कोई साधारण संघर्ष नहीं है। यह एक ऐसा युद्ध है जो मिडिल ईस्ट को बदल सकता है। उसके नक्शे को बदल सकता है। 

इतना ही नहीं कुछ रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि 20% की बढ़ोतरी भी हुई है। स्टेट ऑफ ऑर्बुज जो दुनिया के 20% तेल का रास्ता है लगभग पूरी तरह से बंद हो चुका है। जहाजों की आवाजाही 30% से ज्यादा कम हो चुकी है। ईरान ने एनर्जी वॉर की धमकी दे दी है और अमेरिका ने बिना शर्त सरेंडर की मांग की है ईरान से। इतना ही नहीं इजराइल ने ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई यानी जो अली खामनेई के बेटे हैं उनको भी निशाना बनाने की धमकी दे दी है और यह युद्ध अब लेबनान इराक सीरिया तक फैल चुका है जहां हिजबुल्लाह और अन्य ग्रुप्स शामिल हो सकते हैं। अब इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। स्टॉक मार्केट्स गिर रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: खाड़ी देशों में फंसे 12 हजार भारतीयों ने मोदी सरकार से लगाई मदद की गुहार, विदेश मंत्रालय आया एक्शन में

भारत के लिए तो भारत के लिए भी चिंता का विषय है। बहुत बड़ा चिंता का विषय है क्योंकि भारत का 55 से 60% तेल इंपोर्ट गल्फ से ही आता है। इराक, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत से आता है। लेकिन इस युद्ध में भारत की भूमिका एक एक दोस्त की तरह है जो संकट में मदद करता है और मदद कर भी रहा है। एक तरफ ईरान की मदद, दूसरी ओर मिडिल ईस्ट के देशों की मदद। अब आते हैं मुख्य मुद्दे पर। मिडिल ईस्ट में फूड सिक्योरिटी का संकट है। जहां पूरी दुनिया को तेल की समस्या दिख रही है, वहीं मिडिल ईस्ट के देशों पर फूड सिक्योरिटी का बादल मंडरा रहा है। यूएई हो या सऊदी अरब इन सभी देशों में 90% से ज्यादा खाने-पीने का सामान बाहर से इंपोर्ट होता है। यानी बाहर से उनके यहां सामान जाता है।

इसे भी पढ़ें: खामेनेई के बेटे को गुप्त रोग? US के रिपोर्ट ने दुनिया हिला दी

वह कुछ उगाते नहीं है। रेगिस्तान होने की वजह से पानी की कमी है और कृषि सीमित है। सामान्य समय में यह देश यूरोप, एशिया और अमेरिका से फल, सब्जियां, अनाज इंपोर्ट करते हैं। लेकिन इस युद्ध ने सब कुछ बदल दिया। स्टेट ऑफ हॉर्मोज बंद होने से जहाज नहीं जा पा रहे। ऐसा कहा जा रहा है। उड़ाने प्रभावित हैं। कई पैसेंजर फ्लाइट रद्द हो चुकी है और कारगो भी अब बहुत कम लोग जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर विमानों के कारगो होल्ड की बड़ी मात्रा में ताजा फल जाता है।  

प्रमुख खबरें

World Cup Trophy की चमक और बढ़ी, Gold में Record तेजी से कीमत 6.7 करोड़ रुपये पहुंची

World Cup में कोच की एक चूक ने डुबोई South Korea की नैया, Son Heung-min बेंच पर बैठे रहे

Guillermo Ochoa ने रचा फुटबॉल का नया कीर्तिमान, 6 World Cup खेलकर Ronaldo-Messi के क्लब में शामिल

Crude Oil में गिरावट का असर, Government का संकेत- अब सस्ता हो सकता है हवाई सफर