By अंकित सिंह | May 02, 2025
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने शुक्रवार को जाति जनगणना के खिलाफ बयान देने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह एक ऐसी मांग है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। झा ने कहा, “कौन सा नारा ‘बटेंगे तो कटेंगे’ की जगह लेगा?” उन्होंने कहा कि हमारे (बिहार) एलओपी तेजस्वी यादव ने भी यह कहा है और हम भी यही कहते रहे हैं; यह ऐसी मांग है जिसे छोड़ा नहीं जा सकता। मुझे उन बड़े नेताओं की चिंता है जो ऐसी बातें कह रहे हैं कि अगर जाति जनगणना हुई तो जातिवाद का जहर फैल जाएगा, वे अब अपने बयान को कैसे छिपाएंगे?
इस बीच, महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन वसंतराव सपकाल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को श्रेय दिया, क्योंकि केंद्र सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसला किया है। उन्होंने मांग की कि जाति जनगणना को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाना चाहिए। इससे पहले गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने जाति जनगणना को मंजूरी देने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक न्याय हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि यह कदम पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के लिए एक बड़ी जीत है और विभिन्न समूहों के सामूहिक दबाव का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना कराने का फैसला 90 फीसदी पीडीए लोगों की 100 फीसदी जीत है। यादव ने जोर देकर कहा कि समाज के सभी वर्गों के संयुक्त दबाव के कारण भाजपा सरकार को यह फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा आगामी जनगणना में जातियों को शामिल करने के फैसले के बाद आया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 अप्रैल को राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की।