बुलेट ट्रेन की रफ्तार ...उधर होर्मुज में लगी आग, इधर जयशंकर ने आगे बढ़ने का दिखा दिया रास्‍ता

By अभिनय आकाश | Sep 11, 2026

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में उथल-पुथल मची हुई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए मज़बूती और सहयोग बहुत ज़रूरी हैं। ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम 2026 के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए जयशंकर ने कहा उतार-चढ़ाव, अनिश्चितता और जटिलता हमारे आस-पास की दुनिया की मुख्य पहचान बन गए हैं। हम भू-राजनीतिक टकरावों, महामारियों और जलवायु से जुड़ी समस्याओं के आर्थिक नतीजों को देख रहे हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि तेज़ी से हो रहे डिजिटलाइज़ेशन और तकनीकी तरक्की से विकास की नई संभावनाओं के दरवाज़े खुल रहे हैं।

तेज़ी से बदलते जियोपॉलिटिकल हालात में मुश्किलों का सामना करने की क्षमता (resilience) के महत्व पर ज़ोर देते हुए जयशंकर ने कहा इसलिए, सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देते हुए किसी भी देश की आर्थिक रणनीति में मुश्किलों का सामना करने की क्षमता अहम हो गई है। यह सब गहरे सहयोग और मज़बूत पार्टनरशिप के ज़रिए होता है। यहीं पर BRICS की भूमिका बहुत अहम हो जाती है। 18वें BRICS समिट की थीम पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि आज की चुनौतियों से निपटने के लिए "मुश्किलों का सामना करने की क्षमता, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी" बहुत ज़रूरी हैं। भारत की अध्यक्षता ने मुश्किलों का सामना करने की क्षमता, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए काम करने की थीम के ज़रिए इस विकास को आगे बढ़ाने की कोशिश की है। यही BRICS है। ये प्राथमिकताएँ उन हालात के लिए खास तौर पर अहम हैं जिनमें हमारे देश आज हैं।

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भारत 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करेगा

भारत अपनी 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है। इसका मकसद बढ़ते व्यापारिक तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच इस समूह का इस्तेमाल 'ग्लोबल साउथ' के लिए एक मंच के तौर पर करना है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में दुनिया के कई नेता हिस्सा लेंगे, जिनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, यूएई के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग शामिल हैं।

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