नीतीश कुमार के यू-टर्न से बिहार में किसे हो रहा फायदा? सर्वे में हुआ चौकाने वाला खुलासा

By अंकित सिंह | Jan 31, 2024

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य में महागठबंधन छोड़ने और भाजपा के साथ गठबंधन करने के फैसले से उनके बार-बार पलटने को लेकर आलोचना की एक नई लहर छिड़ गई है, लेकिन उनके इस कदम ने आगामी लोकसभा चुनावों में एनडीए की संभावनाओं को मजबूत किया है। सर्वेक्षण में इस बात का दावा किया गया है। हाल ही में एनडीटीवी प्रश्नम सर्वेक्षण मतदाताओं की प्राथमिकताओं में एक उल्लेखनीय बदलाव को रेखांकित करता है, जिसमें लगभग 4,000 उत्तरदाताओं में से 53% ने भाजपा-जेडीयू गठबंधन के लिए समर्थन का संकेत दिया है, जबकि 23% ने महागठबंधन के लिए समर्थन का संकेत दिया है, जिसमें राजद और कांग्रेस सबसे बड़े घटक हैं।

कुमार के पलटवार के बाद एनडीए के 73% मतदाताओं ने भाजपा-जदयू गठबंधन के प्रति अपनी निष्ठा की पुष्टि की, जो भाजपा के मतदाता आधार के भीतर व्यापक स्वीकृति का संकेत देता है। अपने उतार-चढ़ाव वाले राजनीतिक रुख के बावजूद, कुमार को लगातार समर्थन मिल रहा है, विपक्षी गठबंधन के 36% और 46% मतदाताओं ने क्रमशः लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उनका समर्थन करने की इच्छा व्यक्त की है। इसके अलावा, कुमार के स्विच के बाद 70% उत्तरदाताओं ने 2025 में भाजपा-जेडीयू गठबंधन के लिए समर्थन का संकेत दिया।

इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी की कार में तोड़फोड़ पर बोलीं ममता बनर्जी, यह बंगाल में नहीं, बिहार के कटिहार में हमला हुआ

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि बिहार में पिछले 8 चुनावों (एलएस + विधानसभा) में से, बीजेपी + जेडीयू ने गठबंधन में 6 चुनाव लड़े हैं, 1 चुनाव में सभी 3 दलों ने अपने दम पर चुनाव लड़ा था, जबकि राजद + जेडीयू ने 2015 का विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ा था। तो, बीजेपी+जेडीयू स्वाभाविक गठबंधन है। और ये एनडीटीवी-प्रश्नम सर्वे में दिख रहा है।

प्रमुख खबरें

Delhi Police ने CJP संयोजक Abhijeet Dipke को हिरासत में लिया, CP मार्च रोका

बात गलत लगी तो माफी... राहुल गांधी से नहीं मिले CJI तो भड़के थे संजय राउत, SC से अवमानना नोटिस मिलने पर बदले सुर

गरीबों को मिले 15000 रुपये तक मासिक मदद, Suvendu Adhikari ने की मांग

Trump के आरोपों पर बोले Mohammad Akrami-Nia, Iran की Air Defense पहले से कहीं बेहतर