By अंकित सिंह | Aug 13, 2025
बिहार में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में संशोधन के खिलाफ संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी सांसदों ने 'मिंता देवी' और उनकी तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनी और पीछे '124 नॉट आउट' लिखा हुआ था। उन्होंने दावा किया कि मिंता देवी 124 वर्षीय पहली बार मतदाता हैं, जिनका नाम बिहार की मतदाता सूची में पाया गया था। उन्होंने चुनावी राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को वापस लेने की मांग की।
इसको लेकर अब मिंता देवी ने कहा कि मुझे 2-4 दिन पहले इस बारे में पता चला...वे (विपक्षी सांसद) मेरे लिए कौन हैं? प्रियंका गांधी या राहुल गांधी मेरे लिए कौन हैं? उन्हें मेरी तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनने का अधिकार किसने दिया?...मुझे लगता है कि (सूची में) विसंगतियां हैं...मुझे (प्रशासन से) किसी का फोन नहीं आया...वे मेरी उम्र को लेकर मेरे शुभचिंतक क्यों बन रहे हैं?...ऐसा नहीं किया जाना चाहिए, मैं यह नहीं चाहती...मैं चाहती हूं कि मेरी जानकारी सही की जाए...जिसने भी ये जानकारी दर्ज की, क्या उन्होंने आंखें बंद करके ऐसा किया?...अगर मैं सरकार की नजर में 124 साल की हूं, तो वे मुझे वृद्धावस्था पेंशन क्यों नहीं दे रहे हैं? मेरे आधार कार्ड में मेरी जन्मतिथि 15-07-1990 दर्ज है।
उनके पति धनंजय कुमार सिंह ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कोई भी अधिकारी उनके घर नहीं आया। उन्होंने दावा किया, "बीएलओ गाँव में एक ही जगह पर बैठकर जानकारी इकट्ठा करते हैं, इसलिए ऐसी गलतियाँ होना स्वाभाविक है।" 11 अगस्त को ज़िला निर्वाचन अधिकारी को लिखे एक आधिकारिक पत्र में, दरौंधा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन अधिकारी (ईआरओ) ने इस गलती की पुष्टि की। पत्र में कहा गया है, "सत्यापन प्रक्रिया के दौरान, मिंता देवी के आधार कार्ड की जाँच की गई और उनकी सही जन्मतिथि 15 जुलाई, 1990 पाई गई।"