पिता गोपीनाथ मुंडे के नक्शेकदम पर चलीं बेटी प्रीतम मुंडे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी ज्यादा वोटों से पाई थी जीत

By निधि अविनाश | Feb 17, 2022

भाजपा के पूर्व नेता और कैबिनेट मंत्री गोपीनाथ मुंडे की बेटी प्रीतम गोपीनाथ मुंडे एक डॉक्टर के साथ-साथ भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। प्रतीम गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र के बीड से भारतीय जनता पार्टी का प्रतीनिधित्व करती हैं। वह लोकसभा की सांसद भी हैं।अपनी स्कूली शिक्षा कोलंबा स्कूल, महाराष्ट्र से पूरी करने के बाद प्रीतम गोपीनाथ ने किशनचंद चेलाराम कॉलेज, मुंबई से अपनी ग्रेजुएशन पूरी की। इसके अलावा प्रीतम ने एमबीबीएस और एम.डी वेनेरोलॉजी डीवाई पाटिल स्कूल ऑफ मेडिसिन, नेरुल, नवी मुंबई से पूरी की। प्रीतम गोपीनाथ मुंडे की शादी 11 दिसंबर 2009 में गौरव खड़े का साथ हुई। गौरव खड़े एक आईटी कपनी में काम करते है। प्रीतम मुंडे का एक बेटा भी है। 

राजनीति में कैसा है सफर

प्रीतम मुंडे बीजेपी के पूर्व नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी हैं। वह भारतीय इतिहास में सबसे कम समय तक सेवा देने वाले कैबिनट मंत्री थे क्योंकि गोपीनाथ के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने के केवल 9 दिनों बाद ही उनकी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद बीड लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुए और इस सीट पर गोपीनाथ मुंडे की बेटी प्रीतम मुंडे चुनावी मैदान में उतरी और उन्हें 9,22,416 वोट हासिल हुए। यह विधानसभा और लोकसभा में अब तक सबसे अधिक वोटों के अंतर से मिली जीत है। कांग्रेस उम्मीदवार अशोकराव शंकरराव को हराकर प्रीतम मुंडे ने रिकॉर्ड जीत हासिल की थी। इसी साल लोकसभा चुनाव भी हुए थे जिसमें पीएम मोदी को 5 लाख, 70 हजार से अधिक वोटों से गुजरात के वडोदरा सीट से जीत दर्ज की थी। अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने वाली प्रीतम को राजनीति विरासत में मिली। उच्च शिक्षित नेता के साथ-साथ वह पेशे से एक डॉक्टर भी है। 11 जुलाई 2021 को, कैबिनेट मंत्रियों की लिस्ट में सासंद प्रीतम मुंडे को शामिल न किए जाने के विरोध में कई भाजपा अधिकारियों ने बीड जिले में अपन पद से इस्तीफा तक दे दिया था।

प्रमुख खबरें

Aviation Sector में Adani-GMR की एंट्री का विरोध, IndiGo प्रमुख बोले- निष्पक्ष Competition के लिए यह खतरनाक

HCL Tech का Odisha में बड़ा दांव, ₹14,257 करोड़ के निवेश से बनेगा भारत का पहला Sovereign AI Data Center

अब तक बनाए गए 10.18 करोड़ से अधिक किसान पहचान पत्र, सरकार ने राज्यसभा में दी जानकारी

Japanese Yen Crash: 1986 के बाद सबसे निचले स्तर पर मुद्रा, Satsuki Katayama ने दिए Currency Market में दखल के संकेत