By अंकित सिंह | Jul 29, 2025
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान ऊपरी सदन में बोलते हुए पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों के ठिकाने के बारे में केंद्र से सवाल किया। खड़गे ने सबसे पहले कहा कि पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को मैं अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। मैं उनके परिवारों के प्रति भी अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं कहना चाहूंगा - मेहंदी वाले हाथों ने पति की लाश उठाई है, बेबस रोते बच्चों ने पापा की जान गंवाई है, अश्रु भरे लाचार खादी बेबस नारी को देखा है, पहलगाम घाटी में हमने अपनों को मरते देखा है।
खड़गे ने आगे कहा कि लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी, लेकिन पत्र का कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि हमारे पत्रों को कूड़ेदान में डाल दिया जाता है। वे उसे पढ़ते तक नहीं। अगर इतना अहंकार है, तो एक दिन आपके अहंकार को तोड़ने वाले लोग ज़रूर आएंगे। यह ठीक नहीं है। आपके पास एक-दो वाक्य लिखने का भी समय नहीं है। लोगों के गले पड़ने की फुर्सत है।
विपक्ष के नेता ने कहा कि हम बैठक (सर्वदलीय) में गए थे, लेकिन आप चुनाव प्रचार के लिए बिहार गए थे। क्या यही आपकी देशभक्ति है?...उन्हें आज सदन में आकर हमारी बात सुननी चाहिए थी। अगर आपमें सुनने की क्षमता नहीं है, तो आप उस पद पर रहने के लायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 2016 में उरी और पठानकोट आतंकी हमले, 2019 में पुलवामा और अब 2025 में पहलगाम। इन सभी घटनाओं से साफ़ ज़ाहिर होता है कि ख़ुफ़िया तंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा में लगातार चूक हो रही है। मैं गृह मंत्री से पूछना चाहता हूँ कि इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?... आपने इस गलती को सुधारने के लिए क्या किया? मैं गृह मंत्री से पूछना चाहता हूँ कि इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? अगर आप ज़िम्मेदार हैं तो अपना पद छोड़ दीजिए। अगर नहीं, तो प्रधानमंत्री क्या कार्रवाई कर रहे हैं?
खड़गे ने कहा कि पहलगाम हमले से तीन दिन पहले PM मोदी ने अपना दौरा रद्द कर दिया था। मैंने पहले भी इसका जवाब मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मैं आज भी पूछ रहा हूं कि क्या सरकार को पहले से किसी हमले की आशंका थी? अगर हां, तो आपने वहां पर्यटकों को क्यों जाने दिया? उन्होंने कहा कि सरकार आतंकवादी हमले रोकने में ‘चूक’ और ‘विफलता’ स्वीकार करे, जवाबदेही तय की जाए, और पहलगाम हमले के लिए कौन जिम्मेदार है; जो भी हो, उसे इस्तीफा देना चाहिए।