India-China के झगड़े में रूस किसके साथ है? जवाब आपको चौंका देगा

By अभिनय आकाश | Mar 12, 2025

भारत और चीन के बीच में जबरदस्त विवाद रहा है। हाल के कुछ दिनों को छोड़ दें तो एक लंबे अंतराल तक दोनों देशों के बीच कड़वाहट की खाई बढ़ती चली गई। गलवान की घटना के बाद से दोनों देश एक दूसरे के सामने तनकर खड़े थे। भारत लगातार चीन के सामने ये संदेश दे रहा था कि ईंट का जवाब वो पत्थर से ही देगा। हालांकि अब जब भारत और चीन के बीच एक बार फिर से बातचीत शुरू हो गई है। सहयोग शुरू हो गया है। सीमाओं पर तनाव वाली जगह से सैनिक पीछे हटने लगे हैं। ऐसे में रूस से भी भारत और चीन के बीच तनाव को लेकर सवाल पूछा गया। इंडिया टु़डे कॉन्क्लेव में शामिल होने आए रूसी राजदूत डैनिश आल्पोव से जब ये सवाल पूछा गया कि भारत और चीन में वो किसका पक्ष लेंगे। उन्होंने जवाब में कहा कि देखिए हम भिड़ंत को लेकर नहीं। सहयोग को लेकर सोच रहे हैं। हम चाहते हैं कि दुनिया मिलकर रहे यही अच्छा है। यूरेशिया कॉन्टिनेंट में चीन, भारत और रूस तीन बड़े देश हैं। तीनों के बीच ट्राइलेंट्रल फॉर्मेट अच्छा है। 

इसे भी पढ़ें: Russia-Ukraine युद्धविराम की स्क्रिप्ट भारत में लिखी जाएगी? तुलसी के दिल्ली दौरे पर क्या खास होने वाला है

रूस लगातार इस बात को कहता रहा है कि भारत और चीन के बीच में सहयोग बढ़ना चाहिए। अगर दोनों देशों को कोई ऐसी जरूरत पड़ती है, जिसमें तीसरा कोई देश मदद कर सके तो रूस खुशी के साथ ये काम करेगा। हालांकि रूस बार बार ये जवाब देता रहा है कि उसकी चाहत है कि भारत चीन के बीच सहयोग बड़ जाए। ऐसा होने से रूस की भी कई महत्वकांक्षाएं पूरी हो जाती हैं। भले ही भारत और चीन के बीच में तनाव कम होगा तो रूस के हथियार खरीद पर असर पड़ सकता है। लेकिन भारत, रूस और चीन एक साथ इस ट्राइलेट्रल फॉर्मेट को आगे बढ़ा सकते हैं तो फिर पूरे यूरोप से लेकर अमेरिका तक की चिताएं बढ़ जाएंगी और इससे रूस के कई काम आसान हो जाएंगे। 

प्रमुख खबरें

पहले प्यार और अपनापन, फिर अचानक दूरी... क्या आप भी Puffer Fishing के शिकार हो रहे हैं?

South 24 Parganas में पूजा समिति विवाद में BJP कार्यकर्ता की मौत, जांच शुरू

Gurugram में Traffic जाम! 25 अगस्त को WFH का आदेश, School भी बंद

Kolathur Result: मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे MK Stalin, टीवीके के वीएस बाबू की जीत को चुनौती और ईवीएम पर सवाल