पायलट को मुख्यमंत्री पद नहीं देने पर अड़े हैं गहलोत! डोटासरा या सीपी जोशी की लग सकती है लॉटरी

By नीरज कुमार दुबे | Sep 23, 2022

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रयास तो काफी किये कि उन्हें राजस्थान में ही पद पर बने रहने दिया जाये लेकिन जब उनकी सुनी नहीं गयी तो अब उन्होंने कहा है कि वह निश्चित रूप से कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे। अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि उनके कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने की सूरत में उनके उत्तराधिकारी को लेकर कोई भी फैसला पार्टी की मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा किया जाएगा। साथ ही पार्टी में एकता पर जोर देते हुए गहलोत ने कहा कि चाहे जो भी चुनाव जीते, कांग्रेस को सभी स्तरों पर मजबूत करने के लिए उन सभी को साथ मिलकर काम करना होगा।

इसे भी पढ़ें: अशोक गहलोत या शशि थरूर? गर्मागर्मी के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में आमने-सामने दो वरिष्ठ योद्धा

हम आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 22 साल बाद चुनावी मुकाबले की प्रबल संभावना के बीच गुरुवार को चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है और इसी के साथ चुनावी प्रक्रिया आरंभ हो गई है। भले प्रदेश कांग्रेस कमेटियां राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए प्रस्ताव पास कर रही हों लेकिन राहुल गांधी कह चुके हैं कि वह इस चुनाव से दूर रहेंगे। अशोक गहलोत ने भी बताया है कि इस बार गांधी परिवार कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव से दूर रहेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना जारी होने के बाद अब नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर तक चलेगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है। एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे। इस बीच, राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत और पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के चुनावी समर में उतरने का स्पष्ट संकेत देने के बाद यह संभावना प्रबल हो गई है कि 22 साल बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी का प्रमुख चुनाव के जरिये चुना जाएगा।

इस बीच, कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं और संचार विभाग के अन्य पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के उम्मीदवारों के बारे में किसी भी तरह की टिप्पणी से परहेज करें। पार्टी महासचिव और संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने अपने विभाग के पदाधिकारियों को भेजे संदेश में यह नसीहत उस वक्त दी है जब एक दिन पहले ही प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने अध्यक्ष पद के लिए अशोक गहलोत का खुलकर समर्थन किया था और शशि थरूर पर निशाना साधा था। जयराम रमेश ने कांग्रेस के प्रवक्ताओं और संचार विभाग के पदाधिकारियों से कहा कि वे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे किसी भी नेता के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से परहेज करें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रवक्ता इस चुनाव की लोकतान्त्रिक और पारदर्शी प्रक्रिया का उल्लेख करें। हम आपको बता दें कि गौरव वल्लभ ने राजस्थान के मुख्यमंत्री का खुलकर समर्थन किया था और थरूर को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि थरूर ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्हें पत्र लिखकर कार्यकर्ताओं को कष्ट पहुंचाया है और ऐसे में वह ‘निष्कलंक राजनीतिक जीवन’ वाले गहलोत का चयन करेंगे।

प्रमुख खबरें

Bengaluru की Startup Pronto पर बड़ा आरोप, AI Training के लिए घरों में हो रही Video Recording?

USA में भारतीय सेना का जलवा, Gulveer Singh ने National Record तोड़कर जीता सिल्वर मेडल

Harry Kane की हैट्रिक ने दिलाई Bayern Munich को डबल ट्रॉफी, एक सीजन में दागे रिकॉर्ड 61 गोल।

IPL 2026 Playoffs की तस्वीर साफ, Rajasthan की एंट्री के साथ ये Top-4 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी