Chai Par Sameeksha: Loksabha Elections में CAA किसको लाभ पहुँचाएगा, INDI Alliance का भविष्य क्या है

By अंकित सिंह | Mar 18, 2024

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह आम चुनावों की घोषणा के बाद की राजनीतिक स्थिति, इंडिया गठबंधन और CAA को लेकर हो रही राजनीति पर चर्चा की गयी। लोकसभा चुनाव को लेकर बोलते हुए तारीख है बेहद ही शुभ है। हमारे देश में चुनाव को उत्सव कहा जाता है। लोकतंत्र में चुनाव महापर्व होता है। ऐसे में हम सभी को हमेशा चुनाव का इंतजार होता है। राजनीतिक दलों की ओर से अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा की जा रही है। हालांकि जब चुनावी तारीखों का ऐलान हो चुका है। ऐसे में प्रत्याशियों के चयन में भी राजनीतिक दल तेजी दिखा रहे हैं। नीरज दुबे ने यह भी कहा कि जिस तरीके से चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है, उसे राजनीतिक दल अपने-अपने घोषणा पत्र जारी करेंगे। उन घोषणा पत्रों पर जनता की निगाह रहेगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां भाजपा विकसित भारत के संकल्पों को लेकर आगे बढ़ रही है। तो दूसरी ओर इंडिया गठबंधन और उसके नेता देश की चुनौतियों को लेकर सत्ता पक्ष पर सवाल खड़े कर रहे हैं और कई बड़े वादे भी कर रहे हैं।

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इंडिया गठबंधन और तीसरे मोर्चे की संभावना को लेकर नीरज दुबे से हमने सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि कहीं ना कहीं इंडिया गठबंधन में शामिल दल अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी पहले ही अलग होते दिखाई दे रही हैं। इस गठबंधन का नींव डालने वाले नीतीश कुमार भाजपा के साथ गठबंधन कर चुके हैं। लेफ्ट पार्टी केरल में वायनाड सीट से राहुल गांधी के चुनाव लड़ने के बाद और नाराज दिखाई दे रहा है। ऐसे में इंडिया गठबंधन में बड़ी पार्टियों की बात करें तो कुल मिलाकर देखा जाए तो आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल जैसी पर्टिया शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की हालत खराब है। यही कारण है कि वह समाजवादी पार्टी की बैसाखी के सहारे चलने को मजबूर हुई है। उन्होंने कहा की शुरुआत में इंडिया गठबंधन को लेकर जो तस्वीर आई थी उसने एकजुटता का संदेश जरूर दिया था। लेकिन बाद में यह पूरी तरीके से इंडिया गठबंधन टूटा हुआ नजर आ रहा है। नीरज दुबे ने कहा कि चुनाव के दहलीज पर तीसरे मोर्चे की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है। हां, कुछ ऐसे दल है जो दोनों ही गठबंधन से समान दूरी बनाकर रख रहे हैं। वह शायद किसी एक नए मोर्चे का गठन कर सकते हैं। 

इस दौरान प्रभासाक्षी संपादक  ने कहा कि सीएए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता प्रदान करने के लिए बनाया गया है इसलिए इसको लेकर दुष्प्रचार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएए को लेकर भाजपा ने जो अपना वादा था, वह सत्ता में आते ही पूरा कर दिया था। समय को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं इस पर नीरज दुबे ने कहा कि हमारे देश में हर समय चुनाव होता है। ऐसे में जब भी सीएए को लागू किया जाता, तब यह सवाल उठाए जाते। उन्होंने कहा कि देश कोरोना महामारी से गुजरा, ऐसे में प्रायोरिटी बदली। इसलिए सीएए को देश में लागू करने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि सीएए कानून नागरिकता देने का कानून है। नागरिकता लेने का कानून नहीं है। इससे किसी भी भारतीय की नागरिकता नहीं जाने वाली है। अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहने की जरूरत है।

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