जिसके नाम पर चला किसान आंदोलन, उन्हीं राकेश टिकैत को आखिर क्यों किया गया अलग-थलग?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 16, 2022

लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के संस्थापक महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर रविवार को संगठन में दो फाड़ हो गए और एक वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारी राजेश चौहान ने भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के नाम से अलग गुट बनाने का ऐलान कर दिया। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इसे सरकार की शह पर की गयी कार्रवाई करार देते हुए दावा किया कि इससे संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भाकियू (अराजनीतिक) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी हरिनाम सिंह ने बताया, ‘‘संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान ने महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के गठन की घोषणा की है।’’

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चौहान ने किसी भी राजनीतिक दल का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘राकेश टिकैत राजनीतिक दलों के प्रभाव में थे। उन्होंने चुनाव में एक पार्टी के लिए प्रचार किया जबकि दूसरी पार्टी का विरोध किया।’’ इस बीच, राकेश टिकैत ने भाकियू में दो फाड़ होने के बारे में बुलंदशहर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘जो लोग संगठन छोड़कर गये हैं, उन्होंने सरकार की शह पर ऐसा किया है। इससे भाकियू पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि हमारा संगठन और भी मजबूत होगा।’’ टिकैत ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर किसानों को बांटने और कमजोर करने की कोशिश का आरोप भी लगाया।

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