By गौतम मोरारका | Nov 09, 2022
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान जी-20 की अध्यक्षता के लोगो, थीम और वेबसाइट का अनावरण किया तो इसे सभी ने सराहा लेकिन जब इस लोगो पर विपक्ष की निगाह गयी तो उसने बखेड़ा खड़ा कर दिया क्योंकि इस लोगो में कमल भी है। कमल भाजपा का चुनाव चिह्न है और चूंकि दो राज्यों में चुनाव प्रक्रिया चल रही है इसीलिए सरकारी कार्यक्रम में कमल देखकर विपक्ष भड़क गया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि ये चौंकाने वाला है कि जी-20 के लोगो में भाजपा के चुनाव चिह्न का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी खुद का प्रचार करने का कौई मौका नहीं गंवाएगी। जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में दावा किया है कि 70 साल पहले नेहरू जी ने कांग्रेस के झंडे को भारत का झंडा बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। लेकिन अब, भाजपा का चुनाव चिह्न जी-20 का आधिकारिक लोगो बन गया है। जयराम रमेश के आरोप पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा है कि कमल राष्ट्रीय पुष्प है और कांग्रेस कमल का विरोध कर हिंदुत्व का अपमान कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की ओर से कमल का विरोध किये जाने पर पार्टी को आड़े हाथ लिया है।
जहां तक जी-20 की भारत की अध्यक्षता की बात है तो आपको बता दें कि भारत एक दिसंबर को मौजूदा अध्यक्ष इंडोनेशिया से इस शक्तिशाली समूह की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। उल्लेखनीय है कि 20 देशों का समूह यानी जी-20 दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का अंतर-सरकारी मंच है। जी-20 समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।
इसके अलावा, जी-20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का एक प्रमुख मंच है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। हम आपको यह भी बता दें कि भारत वर्तमान में जी-20 ‘ट्रोइका’ (जी-20 के वर्तमान, पिछले और आगामी अध्यक्ष) का हिस्सा है जिसमें इंडोनेशिया, इटली और भारत शामिल हैं। गौरतलब है कि जी-20 का शिखर सम्मेलन 15-16 नवंबर को बाली में होगा और मोदी समेत शीर्ष नेताओं का इसमें शामिल होना तय है। इसके अलावा अगले साल जी-20 की कुछ बैठकें भारत में होना भी प्रस्तावित है।
- गौतम मोरारका