By अनन्या मिश्रा | Aug 15, 2025
किसी भी महिला के जीवन का सबसे खास पल मां बनना होता है। प्रेग्नेंसी के चौथे महीने से मां गर्भ में पल रहे बच्चे की हल्की मूवमेंट फील करती हैं। जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी के हफ्ते बढ़ते हैं, वैसे-वैसे बच्चे के मूवमेंट बढ़ जाती है। वहीं सातवें महीने के बाद से बच्चे के घूमने और किक मारने का भी मां एहसास करती है। गर्भ में पलने वाले बच्चे की इन्हीं हरकतों से मां गर्भ में पलने वाले बच्चे के सेहत का अंदाजा भी लगा लेती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक बच्चे की 10 मूवमेंट हर घंटे में फील होती है। लेकिन कुछ महिलाओं का कहना है कि दिन भर उनको ऐसा कम महसूस होता है, लेकिन रात में बच्चा ज्यादा एक्टिव होता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि प्रेग्नेंसी के समय बच्चा ज्यादा एक्टिव क्यों रहता है।
रात में बच्चे के मूवमेंट के फील होने का एक कारण यह भी हो सकता है कि महिलाएं दिन भर घर के कामों या बाहर के कामों में व्यस्त रहती हैं। ऐसे में जब आप रात में शांत होकर लेटती हैं, तो आपको बच्चे की किक अधिक महसूस होती है।
कुछ लोगों का मानना होता है कि लेटने के दौरान बच्चे तक अधिक ब्लड पहुंचता है। जिससे गर्भ में पलने वाला बच्चा अधिक सक्रिय हो जाता है।
रात का खाना खाने के बाद आप रिलैक्स महसूस करती हैं। वहीं खाने से आपको एनर्जी मिवती है। ऐसे में बच्चा किक मारकर प्रतिक्रिया देता है।
गर्भ में पलने वाला बच्चा भी नींद का एक पैटर्न विकसित करता है। ऐसे में हो सकता है कि बेबी दिन में सोता हो, इसलिए आपको दिन में अधिक हलचल महसूस नहीं होती है। वहीं बच्चा रात को जागता हो, तो उस समय आपको उसकी प्रतिक्रिया मिलती है।
बता दें कि हर बच्चे की एक्टिविटी और व्यवहार अलग-अलग होता है। कुछ बच्चे दिन में अधिक एक्टिव हो सकते हैं, तो कुछ रात में अधिक एक्टिव रहते हैं। इसके अलावा आपके उठने, बैठने और आपकी हर एक्टिविटी का बच्चे की गतिविधियों पर असर होता है।