By एकता | Mar 30, 2026
आजकल, कई जोड़े पारंपरिक हनीमून को छोड़कर 'बडीमून' को अपना रहे हैं। आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि आखिर यह बडीमून है क्या? असल में, यह कोई नया कॉन्सेप्ट नहीं है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हुआ है। आजकल, बड़ी संख्या में नए शादीशुदा जोड़े पारंपरिक हनीमून को छोड़कर इस नए ट्रेंड को अपनाते हुए देखे जा रहे हैं। तो, आखिर यह बडीमून है क्या, और इसका क्रेज इतना क्यों बढ़ रहा है? आइए, हम आपको इसके बारे में सब कुछ बताते हैं।
आज की भागदौड़ भरी लाइफ में जहां दोस्तों के साथ समय बिताना मुश्किल हो जाता है, वहीं शादी के बाद यह ट्रेंड कपल्स को मौका देता है कि वे अपने इस खास फेज को सिर्फ एक-दूसरे के साथ ही नहीं, बल्कि अपने क्लोज सर्कल के साथ भी सेलिब्रेट करें।
असल में, सोशल मीडिया और बदलती लाइफस्टाइल ने ‘बडीमून’ को तेजी से पॉपुलर बनाया है। पहले हनीमून को सिर्फ प्राइवेट और रोमांटिक ट्रिप माना जाता था, लेकिन अब लोग एक्सपीरियंस को ज्यादा वैल्यू देने लगे हैं।
खासतौर पर मिलेनियल्स और Gen Z कपल्स के लिए, शादी सिर्फ दो लोगों का रिश्ता नहीं बल्कि एक सोशल सेलिब्रेशन भी है। ऐसे में बडीमून उन्हें यह मौका देता है कि वे अपनी खुशियों को अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकें।
ट्रिप बनती है ज्यादा एंटरटेनिंग: अकेले हनीमून में जहां शांति और प्राइवेसी होती है, वहीं बडीमून में हंसी-मजाक, गेम्स और ग्रुप एक्टिविटीज जुड़ जाती हैं। इससे पूरी ट्रिप ज्यादा यादगार और मजेदार बन जाती है।
प्लानिंग का बोझ कम हो जाता है: शादी के बाद कपल अक्सर थक जाते हैं और ट्रिप प्लान करना एक टास्क लग सकता है। ऐसे में जब दोस्त साथ होते हैं तो कोई फ्लाइट देखता है, कोई होटल, तो कोई घूमने की जगह, इससे पूरी प्लानिंग आसान हो जाती है।
खर्च भी हो सकता है कम: ग्रुप ट्रैवल का एक बड़ा फायदा यह है कि कई खर्च शेयर हो जाते हैं। होटल, कैब, फूड, सब कुछ मिलकर मैनेज करने से बजट काफी कंट्रोल में रहता है।
बॉन्डिंग होती है और मजबूत: बडीमून सिर्फ कपल के लिए नहीं, बल्कि दोस्तों और फैमिली के रिश्तों को भी मजबूत करने का मौका देता है। यह एक तरह से लाइफटाइम मेमोरी बन जाता है, जिसे सब मिलकर याद करते हैं।
कंटेंट और सोशल शेयरिंग के ज्यादा मौके: आज के समय में लोग अपने खास पलों को कैप्चर और शेयर करना पसंद करते हैं। बडीमून में ग्रुप फोटो, रील्स और ट्रैवल व्लॉग्स बनाने के कई मौके मिलते हैं, जो इस एक्सपीरियंस को और खास बना देते हैं।
हालांकि बडीमून ट्रेंड में है, लेकिन यह हर किसी के लिए परफेक्ट नहीं है। कुछ कपल्स शादी के बाद सिर्फ एक-दूसरे के साथ शांत और प्राइवेट समय बिताना चाहते हैं। ऐसे में पारंपरिक हनीमून ही उनके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकता है। वहीं, जो कपल्स सोशल, आउटगोइंग और ग्रुप में मस्ती करना पसंद करते हैं, उनके लिए बडीमून एक शानदार अनुभव साबित हो सकता है।