ईद की मिठास पर जोधपुर में क्यों घुली कड़वाहट? धरने पर बैठे गजेंद्र शेखावत, गहलोत की शांति वाली अपील, CM के इस्तीफे की मांग

By अभिनय आकाश | May 03, 2022

ईद से कुछ घंटे पहले राजस्थान के जोधपुर शहर में सोमवार देर रात सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया और इस दौरान पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। जिसके बाद से ही इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी की तरफ से इसे तुष्टीकरण की राजनीति बताया जा रहा है तो वहीं कांग्रेस सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इसके साथ ही बीजेपी की तरफ से सीएम गहलोत से इस्तीफे की मांग की गई है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार तुष्टीकरण की नीति पर चल रही है। 

 केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि करौली की घटना उसी का परिणाम है, अलवर के राजगढ़ में मंदिर तोड़ने की घटना भी उसी का परिणाम है, जोधपुर में कल जो घटना हुई वो भी उसी का परिणाम है। तुष्टीकरण के कारण कानून व्यवस्था बिगड़ती है। अशोक गहलोत खुद जोधपुर से आते हैं, गृह मंत्री भी हैं और मुख्यमंत्री भी हैं उन्हें ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए...  उन्होंने(अशोक गहलोत) तय कर रखा है कि हमारा वोट बैंक पक्का करके रखना है इसलिए देखते नहीं हैं कि न्याय हो रहा है या अन्याय हो रहा है। मेघवाल ने कहा कि अगर नैतिकता का अंश बचा हो तो, गृह विभाग के मुखिया अशोक गहलोत जी को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

सीएम की शांति बनाए रखने की अपील

जोधपुर घटना पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जोधपुर में जो कल रात से तनाव पैदा हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। राजस्थान की परंपरा सभी समाज और धर्मों के लोगों के साथ प्रेम और भाईचारे के साथ रहने की रही है। मैं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। अशोक गहलोत ने कहा कि जोधपुर घटना पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोतअसामाजिक तत्वों से सख़्ती के साथ निपटा जाएगा। मैंने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मैं राजनीतिक पार्टी के नेताओं से अपील करता हूं वह भी शांति की अपील करें।

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धरने पर बैठे गजेंद्र शेखावत

जोधपुर की घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत धरने पर बैठ गए हैं। वहीं बीजेपी के नेता सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान में कानून व्यवस्था चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। गहलोत सरकार के राज में तुष्टीकरण की राजनीति हो रही है। पूनिया ने कहा कि इस तरह के मामले बहुसंख्यक समुदाय पर चोट है। प्रदेश के शांति, लोगों की सुरक्षा के लिए वोट की राजनीति छोड़कर गहलोत जी को जनसुरक्षा की चिंता करनी चाहिए।

जोधपुर में कैसे भड़की हिंसा

इस विवाद की शुरुआत सोमवार आधी आधी रात के बाद हुई जब अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ सदस्य ईद के मौके पर जालोरी गेट के पास एक चौराहे पर धार्मिक झंडे लगा रहे थे। इसमें कहा गया है कि लोगों ने चौराहे में स्थापित स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा पर झंडा लगाया जिसका हिंदू समुदाय के लोगों ने विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां परशुराम जयंती पर लगाए गए भगवा ध्वज को हटाकर इस्लामी ध्वज लगा दिया, इसको लेकर दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए और झड़प हो गई। 

कांग्रेस राज में औरंगजेबी मानसिकता हावी: राज्यवर्धन सिंह राठौड़

बीजेपी के नेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस राज में औरंगजेबी मानसिकता किस तरह हावी हो गई है, यह जोधपुर की घटना से साफ पता चलता है। जालोरी गेट पर स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की मूर्ति से झण्डा उतारकर विशेष तरह का झंडा फहराना और फिर पत्थरबाजी की घटना, बिना सत्ता के संरक्षण में संभव नहीं हो सकती है। गहलोत जी, आप राज्य के मुख्यमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्री भी हैं। कानून व्यवस्था के साथ यह खिलवाड़ आपके गैर जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है। करौली दंगों के लिए आपने जिस तरह जय श्रीराम के नारों को जिम्मेदार ठहराया था, क्या अब जोधपुर की इस घटना पर बताएंगे कि यहां कौन से नारे लगे। 

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