By अभिनय आकाश | Mar 07, 2024
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के लिए ताजा झटका है। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने घोषणा की कि पीटीआई समर्थित सुन्नी इत्तेहाद परिषद (एसआईसी) राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं में आवंटित आरक्षित सीटों का दावा नहीं कर सकती है। अपने चुनावी चिह्न पर प्रतिबंध के कारण हालिया चुनाव लड़ने में असमर्थ पीटीआई ने अपने उम्मीदवारों को नेशनल असेंबली में अपनी संख्यात्मक ताकत बढ़ाने के लिए दक्षिणपंथी धार्मिक पार्टी में शामिल होने का निर्देश दिया। वहीं अब पेशावर उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित सुन्नी इत्तेहाद परिषद को वंचित आरक्षित सीटों पर अधिसूचित सांसदों के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक आदेश 13 मार्च तक बढ़ा दिया। अदालत का यह आदेश आरक्षित सीटों के आवंटन को लेकर एसआईसी की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया।
एसआईसी ने आरक्षित सीटों के लिए एलएचसी का रुख किया
एसआईसी के अध्यक्ष हामिद रजा ने गुरुवार को एनए में आरक्षित सीटों पर पार्टी के अधिकार का दावा करने के लिए लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) का रुख किया। याचिका में एसआईसी ने ईसीपी और अन्य को पक्षकार के रूप में शामिल किया है। याचिका के मुताबिक, चुनाव प्राधिकार न तो कोई न्यायाधिकरण है और न ही अदालत. याचिका में आगे अनुरोध किया गया कि एसआईसी को पंजाब विधानसभा में सीटों के अनुपात के अनुसार आरक्षित सीटें मिलनी चाहिए। याचिका में कहा गया है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल ने चुनाव लड़ा या नहीं, याचिका में कहा गया कि ईसीपी की कार्रवाई संविधान में संशोधन के समान है।