चलीं धड़ाधड़ गोलियां और...अपने ही परिवार का कातिल क्यों बन गया राजकुमार? नेपाल का सबसे बड़ा शाही रहस्य

By अभिनय आकाश | Mar 05, 2026

नेपाल एक बहुत खूबसूरत देश है। जहां हिमालय के पहाड़ आसमान को छूते हैं। हरेभरे खेत, बहती हुई साफ नदियां, घने जंगल और एकदम ताजा हवा मिलती है यहां। इस देश का सिर्फ नेचर ही नहीं यहां के मंदिर और मोनेस्ट्रीज भी उतने ही खूबसूरत हैं। 2.97 करोड़ की पॉपुलेशन वाला यह देश हमेशा चहल-पहल से भरा रहता है। चाहे वह मंदिरों के बाहर बजने वाली घंटियां हो या लोगों से भरी हुई सड़कें। लेकिन 2 जून 2001 के दिन नेपाल में शांति छाई हुई थी। उस दिन वहां भीड़ तो थी लेकिन नेपाल रॉयल फैमिली के घर के बाहर और वहां पर उस दिन नॉर्मल दिनों से ज्यादा एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लगी हुई थी। बाहर खड़े हुए लोग आपस में बातें कर रहे थे। कोई दुखी नजर आ रहा था तो कोई शॉक था और हो भी क्यों ना एक ही रात में किसी ने नेपाल की पूरी रॉयल फैमिली को मार डाला था। हर देश में भगवान को मानने वाले लोग रहते हैं। लेकिन नेपाल में एक ऐसा टाइम भी था जब वहां के किंग को भी उतना ही मानते थे लोग। नेपाल में राजा को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता था। किंग को एकता का प्रतीक माना जाता था। किंग के परमिशन के बिना एक पत्ता तक नहीं हिलता था वहां। छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा डिसीजन हमेशा किंग के आदेश के बाद ही लिया जाता था।

इसे भी पढ़ें: Nepal Election: Gen-Z तय करेगी किसकी बनेगी सरकार? KP Oli और Prachanda की बढ़ी टेंशन

नेपाल नरेश बीरेंद्र विक्रम और उनकी पत्नी महारानी ऐश्वर्य इनके दो बेटे और एक बेटी थी। एक बेटा दीपेंद्र और दूसरा निरंजन। वहीं एक बेटी। नेपाल नरेश ने दीपेंद्र को क्राउन प्रिंस बना दिया था। मतलब उनके बाद अगला राजा वही होगा। इसी दौरान क्राउन प्रिंस दीपेंद्र को दिव्यानी नाम की लड़की से इश्क हो जाता है। दिव्यानी जिस परिवार से आती थी उसे महारानी ऐश्वर्य पसंद नहीं करती थी और वो चाहती थी कि दीपेंद्र शाही परिवार के ही एक रिश्तेदार सुप्रिया शाह से शादी करे। इसको लेकर मां-बेटे में काफी बहस चली। ऐश्वर्य ने फिर इनकार करते हुए कहा कि उसके लिए दुल्हन उन्होंने चुन ली थी। इस बार प्रिंस दीपेंद्र नाराज़ हो गए और यह कहकर वहां से निकल गए कि वो शादी दिव्यानी से ही करेंगे। इसी दौरान दीपेंद्र ने नेपाल के सुरक्षा विभाग के लिए हथियारों और अन्य उपकरणों की डील का एक प्रस्ताव रखा और अपना सुझाव भी दिया। लेकिन प्रिंस दीपेंद्र के इस प्रस्ताव से उनके पिता और नेपाल नरेश ने किनारा करते हुए अपने फैसले को वरीयता दी। वहीं दूसरी तरफ दीपेंद्र की शादी को लेकर परिवार में लगातार मतभेदों का दौर जारी थी।

इसे भी पढ़ें: Nepal Election से पहले PM सुशीला कार्की की बड़ी अपील, 'आपका वोट देश का भविष्य तय करेगा'

जहां एक तरफ दीपेंद्र ने दिव्यानी से ही शादी करने की बात पर अड़े थे वहीं उनकी मां ऐश्वर्य को यह नागवार था और जिसके पीछे उनकी दलील थी कि दिव्यानी जिस सिंधिया खानदान से आती हैं वो पेशवाओं की नौकरी किया करते थे और उनका शाही खानदार से कोई मुकाबला नहीं है। साल 2001 के जून के महीने की पहली तारीख। राजमहल में परिवारिक डिनर का आयोजन किया गया था। शाम ढलते ही दीपेंद्र ने नशा करना आरंभ कर दिया था और रात होते-होते महल का माहौल एकदम से बदल गया जब दीपेंद्र ने हाथों में बंदूक लिए गुस्से में अपने परिवार के लोगों को गोलियों का निशाना बनाने लगा। एक-एक कर राजकुमार दीपेंद्र ने अपने पिता राजा बीरेंद्र, मां ऐश्वर्य समेत नौ लोगों की हत्या कर दी और फिर खुद को भी गोली मार ली। इस सनसीखेज हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। नेपाल की राजधानी काठमांडू के बादमती तट पर चंदन की लकड़ियों में राजा बीरेंद्र वीर विक्रम शाहदेव की चिता सजी थी। इसके साथ ही रानी ऐश्वर्य, राजकुमारी श्रुति, राजकुमार निरंजन और शाही परिवार के अन्य सदस्यों के शव थे। पूरा नेपाल रो रहा था साथ ही नारे लग रहे थे 'हाम्रौ राजा हाम्रो देख प्राण से भन्दा प्यारा छ' यानी की हमारे राजा और हमारा देश हमें जान से भी ज्यादा प्रिय है। 

प्रमुख खबरें

दिल्ली कैपिटल्स नहीं तोड़ पाई पंजाब किंग्स का तिलिस्म, श्रेयस अय्यर की टीम ने रचा इतिहास, सबसे बड़ी रन चेज को दिया अंजाम

Chhattisgarh के 47 Maoists ने Telangana में डाले हथियार, Naxal मूवमेंट पर इसे माना जा रहा Final Strike

Raghav Chadha की बगावत पर Bhagwant Mann का तंज, सिर्फ मसालों से सब्जी नहीं बनती

जमीन पर रफ्तार, पानी में भी वार! DRDO ने पेश किया STANAG Level प्रोटेक्शन वाला Armoured Platform