By अंकित सिंह | Feb 24, 2023
वर्तमान में देखे तो पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्राहक भी इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं और यही कारण है कि ईवी की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। कहीं ना कहीं, इसकी कीमत अभी भी ज्यादा है जिसकी वजह से लोग फिलहाल इसे खरीदने से कतरा रहे हैं। लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य काफी उज्जवल माना जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज बढ़ेगा और इसकी कीमतों में गिरावट जरूर आएगी।
पर्यावरण को भी ध्यान में रखकर इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दिया जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने और कार्बन के बढ़ते उत्सर्जन को रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। फिलहाल भारत इसको पूरी तरह से अपना समर्थन दे रहा है। वर्तमान में देखें तो भारत में बिक्री की जा रही प्रत्येक 100 कारों में से 2 इलेक्ट्रिक कार है। लेकिन 2030 तक इसमें बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है।
पेट्रोल और डीजल कार की तुलना में इलेक्ट्रिक कारों की वजह से आपके पैसे जरुर बचेंगे। आप कम खर्च में लंबी दूरी की यात्रा कर सकेंगे। रोज-रोज पेट्रोल डीजल भरवाने का झंझट भी खत्म होगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक कारों के लिए जगह-जगह चार्जिंग प्वाइंट होना भी जरूरी है। धीरे-धीरे देखें तो भारत में इलेक्ट्रिक कारों का बाजार बढ़ता जा रहा है। इलेक्ट्रिक कारों की मांग भी बढ़ रही है।
इलेक्ट्रिक कारों में फिलहाल गियर नहीं दिया जाता। इसकी वजह से इसकी ड्राइविंग में कम थकान और तनाव होता है। इसे ड्राइव करने में आपको किसी जटिलता का सामना नहीं करना पड़ता। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन डीजल पेट्रोल वाहन की तुलना में आवाज कम करते हैं। इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से करबचत में भी लाभ दिया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि कहीं ना कहीं इससे इलेक्ट्रिक वाहन बाजार गुलजार होंगे।