Russia-China से इतना डरा अमेरिका? पेंटागन का कैसा बड़ा कबूलनामा

By अभिनय आकाश | Apr 29, 2026

ईरान और अमेरिका के बीच भीषण टकराव का खतरा बढ़ता जा रहा है। मिडिल ईस्ट में जंग जैसे हालात बन रहे हैं और स्टेट ऑफ होर्मुज में तनाव एकदम चरम पर है। ऐसे हालात में दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश जिसे अपनी ताकत पर बड़ा गुमान है। जिसकी मिसाइलें दुनिया के किसी भी कोने में सटीक वार कर मिनटों में तबाही मचा सकती हैं। वह अमेरिका आज खुद को बचाने में असमर्थ है। अपनी खुद की रक्षा करने में असमर्थ है। यह किसी का विश्लेषण नहीं बल्कि यह खुद अमेरिकी सेना के हेड क्वार्टर पेंटागन का कबूलनामा है जिसमें उसने खुद मान लिया कि अगर दुश्मन ने एडवांस्ड मिसाइलें दाग दी तो अमेरिका के पास उसे रोकने का कोई ठोस तरीका नहीं है। सवाल यह है कि क्या सुपर पावर की चमक अब फीकी पड़ रही है? या फिर दुनिया हथियारों की दौड़ के सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है। जहां सबसे पावरफुल देश भी खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है। 

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अब यहीं से शुरू होता है अमेरिका का नया मास्टर प्लान गोल्डन डोम। एक ऐसा मेगा प्रोजेक्ट जिसे भविष्य का सबसे बड़ा मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जा रहा है। इसका मकसद है जमीन, समुद्र, हवा और अंतरिक्ष। चारों लेयर में एक ऐसा नेटवर्क बनाना जो हर तरह के खतरे को पहचान सके और उसे खत्म कर सके। इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल होगा। स्पेस बेस्ड सेंसर होंगे और ऐसे इंटरसेप्टर होंगे जो दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही खत्म कर दें। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सब इतना आसान है? इस प्रोजेक्ट की लागत सुनकर आप चौंक जाएंगे। करीब 175 से 185 बिलियन डॉलर यानी लाखों करोड़ रुपए और यह सिर्फ शुरुआत है। इसे पूरी तरह तैयार होने में 2030 तक का समय लग सकता है। तब तक क्या होगा? क्या अमेरिका इस डिफेंस गैप के साथ ही रहेगा?

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