अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को बताया 'जुगाड़ आयोग', पूछा-'वोट चोरी के 17 हजार सबूतों पर क्यों खामोश है EC?'

By रेनू तिवारी | Sep 01, 2025

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) पर निशाना साधा है। बिहार चुनाव से पहले विपक्ष ने पूरी तरह से सरकार और चुनाव आयोग को वोटों की हेराफेरी के मामले में कटघरे में खड़ा कर रखा है। कांग्रेस सहित इंडिया ब्लॉक की पार्टियां सरकार और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगा रही है लेकिन अभी तक किसी भी आरोप को सिद्ध नहीं कर पायी हैं। अब ताजा हमला अखिलेश यादव ने चुनाव अयोग पर लगाया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा है कि जब वह एआई से घपला पकड़ सकता है, तो सपा के 17,986 हलफनामों का जवाब क्यों नहीं दे रहा है। ये हलफनामे कथित तौर पर मतदाता सूची में हेराफेरी और ‘वोट डकैती’ से संबंधित हैं, जिस पर आयोग की चुप्पी राजनीतिक गलियारों में बहस का विषय बनी हुई है।

इस पोस्ट में यादव ने एक समाचार चैनल का वीडियो साझा किया है जिसमें यह दावा किया गया है कि एआई के ज़रिए पंचायत चुनाव के मद्देनजर सवा करोड़ मतदाता कम किए गए हैं। इसमें यह भी दावा किया गया है कि एआई के ज़रिए अलग अलग गांवों में डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान हुई है जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा पिछले माह एक प्रेसवार्ता में ‘वोट चोरी’ और अन्य अनियमितताओं के विपक्ष के आरोपों को गलत बताया गया था।

यादव ने ‘एक्स’ पर एक अन्य संदेश में कहा था कि सपा ने ‘वोट डकैती’ के संबंध में 18 हजार शपथ पत्र आयोग को दिये थे, लेकिन कार्रवाई शून्य है। बाद में यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था भाजपा, चुनाव आयोग, जिलाधिकारी की तिकड़ी अभी तक हमारे द्वारा दिए गए 18 हजार हलफनामों में से सिर्फ 14 का ही जवाब दे पाई है। यादव ने ‘एक्स’ पर सोमवार को एक अन्य पोस्ट में कहा “भाजपा ने जब से विश्वविद्यालयों का ‘संगी-साथीकरण’ किया है तब से विश्वविद्यालय प्रशासन की भेदकारी व पक्षपाती राजनीति का छात्रों की पढ़ाई और उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

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