Prabhasakshi NewsRoom: भारत विरोधी Pakistan, Bangladesh और Turkiye पर Trump क्यों हैं मेहरबान? कारण जानकर आप चौंक जाएंगे

By नीरज कुमार दुबे | May 19, 2025

हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच चले सैन्य संघर्ष के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का झुकाव पाकिस्तान की ओर देखा गया था जिसे लेकर सभी चौंक गये थे। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप की दोस्ती के किस्से दुनियाभर में सुने और सुनाये जाते हैं इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति का पाकिस्तान की ओर झुकाव सभी के लिए आश्चर्य का विषय बन गया था। हाल ही में यह भी देखा गया था कि बांग्लादेश भारत को आंखें दिखाने लगा है। साथ ही पाकिस्तान की खुलकर मदद करने वाले तुर्किये को अमेरिका जिस तरह अपनी अमराम मिसाइलें सौंपने जा रहा है उसको लेकर भी लोग आश्चर्य में हैं। लेकिन अब पाकिस्तान, बांग्लादेश और तुर्किये पर ट्रंप की मेहरबानी के कारणों की सारी परतें धीरे धीरे खुल रही हैं।

इसे भी पढ़ें: जल्द फैसला नहीं लिया तो कुछ बुरा होने वाला है, ट्रंप ने ईरान को फिर धमकाया

इसके अलावा, 29 जनवरी को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से मिलने के अगले दिन जेंट्री बीच ने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की थी। इस दौरान जूनियर ट्रंप के करीबी सहयोगी ने ढाका को तेल और गैस अन्वेषण, एयरोस्पेस, रक्षा और रियल एस्टेट के क्षेत्रों में भारी विदेशी निवेश लाने का वादा किया था। हम आपको यह भी बता दें कि ट्रंप जूनियर और उनके दोस्त जेंट्री बीच के साथ विवाद कोई पहली बार नहीं जुड़े हैं। साल 2018 में द गार्जियन ने समाचार प्रकाशित किया था कि ट्रंप जूनियर के साथी जेंट्री बीच ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के लिए करोड़ों डॉलर जुटाए थे। इसके परिणामस्वरूप, उन्हें ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों, यहाँ तक कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अधिकारियों तक पहुंच मिल गई थी, ताकि वे वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने और अमेरिकी कंपनियों के लिए उस तेल-समृद्ध देश में व्यापार खोलने की योजना को आगे बढ़ा सकें।

दूसरी ओर, अब जब जेंट्री बीच पाकिस्तान, बांग्लादेश और तुर्किये में व्यापार की संभावनाएं तलाश रहे हैं, तो वही चिंता फिर उठ रही है कि ट्रंप और उनके सहयोगियों को व्यापारिक सौदों के बदले राष्ट्रीय सुरक्षा पर समझौता करने में कोई हिचक नहीं नजर आ रही है। हम आपको बता दें कि जेंट्री बीच के पिता गैरी बीच को दिवालिया धोखाधड़ी के आरोप में दोषी ठहराया गया था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यह भी सामने आया है कि जब पाकिस्तान पहलगाम आतंकवादी हमले की साजिश रच रहा था, तब जेंट्री बीच 17 अप्रैल को इस्तांबुल में तुर्की की कंपनी टेरा होल्डिंग के साथ एक संयुक्त उपक्रम के समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे थे, जो दुबई में तेल और खनन पर केंद्रित होगा। हम आपको यह भी बता दें कि तीनों देशों- यानि पाकिस्तान, बांग्लादेश और तुर्किये में उन्हें ट्रंप के “पॉइंट पर्सन” के रूप में सम्मानित किया गया, जो वाकई व्यापार करना जानते हैं। पाकिस्तान में उन्होंने बताया था कि इस्लामी देश में 50 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के दुर्लभ खनिजों का भंडार है, वहीं तुर्किये में उन्होंने देश को चीन की जगह अगली “वर्ल्ड फैक्ट्री” बनाने का प्रस्ताव दिया था।

हम आपको यह भी बता दें कि पाकिस्तान ने हाल ही में अमेरिकी कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के साथ अपनी क्रिप्टोकरेंसी परियोजना के लिए करार किया है। इस अमेरिकी कंपनी में ट्रंप के परिवार की 60% हिस्सेदारी है। अमेरिकी कंपनी का यह सौदा पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल के साथ हुआ था, जिसे पिछले महीने जल्दी-जल्दी शुरू किया गया था और जिसने बिनेंस (दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज) के संस्थापक चांगपेंग झाओ (CZ) को अपना सलाहकार नियुक्त किया था। हम आपको बता दें कि वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल में ट्रंप के दोनों बेटे एरिक और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर भागीदार हैं, जो अपने बहनोई जेरेड कुश्नर के साथ विभिन्न क्षेत्रों में लाभकारी व्यापारिक सौदे ढूंढ़ते रहे हैं और व्हाइट हाउस से अपने रिश्तों का फायदा उठाने के आरोपों का सामना कर चुके हैं।

प्रमुख खबरें

Mahua Moitra का Suvendu पर बयान: TMC सांसद ने कहा, सिर्फ़ चटपटी बातें न चुनें, संदर्भ समझें

FIFA WC में Morocco का जलवा! सबसे ज़्यादा जीत और गोल का African Record बनाया

Hormuz Strait पर बढ़ा तनाव: Iran की IRGC Navy की खुली चेतावनी, नए Shipping Route पर होगी सख्त कार्रवाई

Indian Air Force: IAF Recruitment में बड़ा बदलाव, अब GATE Score से Technical Branch में मिलेगी सीधी एंट्री